बिजनौर में शेरकोट में हुए बवाल को लेकर रविवार को बसपा विधायक मोहम्मद गाजी के साथ शेरकोट के दलित एसपी से मिले। आरोप लगाया कि शेरकोट पुलिस ने दलितों पर जमकर कहर बरपाया। दलितों के घरों में तोड़फोड़ की और उन्हें बेरहमी से पीटा। गाजी ने शेरकोट के बवाल के लिए एसओ जिम्मेदार ठहराया है।
शनिवार को शेरकोट में जमीन कब्जाने को लेकर दलित और मुस्लिम भिड़ गए। दोनों पक्षों में जमकर पथराव व मारपीट हुई थी। इस मामले में छह लोग घायल हुए थे। रविवार को विधायक मोहम्मद गाजी के साथ शेरकोट के दलित एसपी से मिलने बिजनौर आए। एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि शेरकोट के मोहल्ला नौधना में देवस्थल व चामुंडा देवी की जमीन है। इसका मुकदमा नगीना कोर्ट में चल रहा है। मुस्लिमों ने एसओ से हमसाज होकर विवादित भूमि पर निर्माण करना शुरू कर दिया। दलित इसकी शिकायत करने थाने गए तो पुलिस ने गाली गलौज व झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उसे भगा दिया। पुलिस ने दलितों के घर में घुसकर महिलाओं व बच्चो पर लाठी चार्ज किया। पांच दलितों को हवालात में डाल दिया। विधायक गाजी ने एसओ शेरकोट को पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया। गाजी ने कहा कि एसओ ने ही दूसरे पक्ष को जमीन पर कब्जा करने के लिए भेजा। विधायक ने इस मामले में एसओ धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। एसपी ने इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने की विधायक व उनसे मिलने आए लोगों से बात कही है। इससे पूर्व विधायक ने कल शाम डीएम बी चंद्रकला से भी फोन पर बात की और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।