मुरादाबाद और देहरादून के लिए खास
- पुलिस ने पांच तस्करों को गिरफ्तार कर 12 लाख का गांजा किया बरामद
- तस्करी के लिए पिकअप गाड़ी में बना रखा था गुप्त चैंबर
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
रेहड़ (बिजनौर)। पुष्पा फिल्म में दूध के टैंकर से चंदन की तस्करी होना दिखाया गया है, इसी तर्ज पर उत्तराखंड से बिजनौर में गांजा की तस्करी होती मिली। दरअसल, तस्करों की गाड़ी में फर्श के नीचे एक गुप्त चैंबर मिला है। पुलिस ने करीब 12 लाख की कीमत का गांजा बरामद बरामद करते हुए तस्करी का खुलासा कर दिया है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनमें तीन उत्तराखंड के रहने वाले हैं, जबकि दो मुरादाबाद जिले के निवासी हैं।
रेहड़ पुलिस ने मुखबिर से मिल रही सूचना के आधार पर गांजा तस्करी का भंडाफोड़ करने के लिए जाल बिछाया। बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बादीगढ़ व पंचतारा ढाबे के बीच नहर पटरी पर छापामारी कर गांजे की खरीद फरोख्त करते पांच लोगों को दबोचा। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर तलाशी ली। उनके पास से करीब 51 किलो गांजा, 60 कारतूस 12 बोर, दो बाइक हीरो स्पलेंडर, एक पिकअप महेंद्रा मैक्स तथा 10500 रुपये बरामद किए।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम खिलाप सिंह तथा प्रदीप उर्फ प्रताप निवासी गांव बुरा थाना विकासनगर घाट जनपद चमोली उत्तराखंड, आकाश कुमार निवासी रतुपुरा थाना ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद, शीशपाल सिंह निवासी नरेंद्रपुर थाना भगतपुर जिला मुरादाबाद तथा मोहित निवासी पूरनपुर थाना जसपुर जिला उधमसिंहनगर उत्तराखंड बताया।
थाना प्रभारी सुनील कुमार ने आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की। बताया कि खिलाप सिंह व प्रदीप उर्फ प्रताप ने मैक्स पिकअप गाड़ी के फर्श पर गुप्त चैंबर बनवा रखा है। जिसमें वह उत्तराखंड से गांजा लाकर बिजनौर व मुरादाबाद आदि जनपदों में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। उत्तराखंड के गांजे की गुणवत्ता अच्छी मानी जाती है, जिसके चलते यहां हाथों हाथ बिक जाता था। चैंबर में गांजा भरा होने की वजह से आरोपी आसानी से बॉर्डर पार कर लेते थे। आरोपी पहले भी तस्करी करते रहे हैं।