बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अब किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी शिक्षा भी प्राप्त करेंगे। इन छात्रों की उंगली कंप्यूटर के की-बोर्ड पर थिरकेंगी। साथ ही इंटरनेट के माध्यम से दुनिया का हाल जानेंगे। इसके लिए शासन और बेसिक शिक्षा विभाग जिले के 265 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों की कक्षाओं को स्मार्ट बनाएगा।
परिषदीय स्कूल 2119 परिषदीय स्कूल संचालित है। इन स्कूलों छात्र -छात्राएं 2 लाख 56 हजार है। इन सरकारी स्कूलों को भी निजी स्कूलों की तरह कायाकल्प किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में सभी मूलभूत सुविधाएं पूर्ण कराई जा रही है। कुछ पर तेजी से काम चल रहा है। इसी क्रम में शासन व बेसिक शिक्षा की ओर से जिले में 264 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षाएं स्मार्ट बनाई जाएंगी। जिला समन्वय विवेक बंसल ने बताया कि चयनित स्कूलों में स्मार्ट कंप्यूटर लैब बनाई जाएंगी। कक्षों में एलईडी, इंवर्टर बैटरी, इंटरनेट की सुविधा, सात-सात कंप्यूटर सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, स्कूलों में विद्युतीकरण आदि कार्य किए जाएंगे।
-जनपद में अभी तक 650 स्कूलों में स्मार्ट क्लास
परिषदीय स्कूलों में से 650 स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हो रही है। इन कक्षाओं में प्रोजेक्टर, एलईडी ही है। कक्ष को संदेश वाले चित्रों से सजा रखा है। अधिकांश परिषदीय स्कूलों में इंवर्टर बैटरी की सुविधा नहीं है। काफी शिक्षकों ने अपने प्रयास से स्कूलों में सुंदरीकरण, इंवर्टर बैटरी की व्यवस्था कर रखी है।
जनपद में स्मार्ट क्लास बनाने के लिए निर्देश आए हैं। चयनित इन विद्यालयों कंप्यूटर, इंटरनेट, सीसीटीवी कैमरे आदि की सुविधाएं पूर्ण रहेगी। आज कंप्यूटर शिक्षा बहुत जरूरी है। परिषदीय स्कूलों के छात्र कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त करेंगे।
- जयकरन यादव बीएसए