अफजलगढ़/धामपुर में महिलाओं के लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद कच्ची शराब की बिक्री पर रोक नहीं लग सका। इसका नतीजा यह हुआ कि एक युवक की कच्ची शराब पीकर मौत हो गई। युवक की मौत से कोहराम मच गया। घर पर सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लग गया। इस बीच ग्रामीणों ने गुस्से में अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि साहब जी रणधीर तो मर गया। ऐसे न जाने कितने लोग अपनी जिंदगी गंवा देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अब तो शराब माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए प्रशासन को आगे आना चाहिए।
गांव सभा कल्लूवाला के गांव मालोनी में निरंजन सिंह का डेरा है। पूर्व ब्लाक प्रमुख रनजीत सिंह कौर, सभापति मलकीत सिंह, अमरजीत सिंह, दारा सिंह, दिनेश कुमार का कहना है कि निरंजन का पुत्र रणधीर सिंह बुधवार की सुबह ठीक ठाक था। उसने क्षेत्र में कहीं जाकर कच्ची शराब का अधिक सेवन कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई है। कच्ची शराब पीने से रणधीर की हुई मौत का पता लगने पर क्षेत्र के कई गांवों के लोग मालोनी में एकत्र हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कच्ची शराब का अवैध कारोबार पुलिस और आबकारी पुलिस के संरक्षण में फलफूल रहा है। उधर, एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह के मुताबिक ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। एक माह पहले पास के गांव मीरापुर में भी युवक की शराब पीने से मौत हो चुकी है।
गांव में नहीं बेचने देंगे शराब
नगीना। राष्ट्रीय महिला क्रांतिदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज शर्मा और क्षेत्र के समाज सेवी ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में गांव सरदारवाली की दो दर्जन से अधिक महिलाएं ओमवती, माया देवी, गुड्डों, शीला, कमलेश, ममता, सीता, दीपा रानी, आशा, जयवती एसडीएम से मिली और उन्हें छह सूत्रीय ज्ञापन सौंप कर समस्याओं व गांव में बिकने वाली कच्ची शराब पर पाबंदी लगाने की मांग की। वहीं जनतादल यूनाइटेड के जिलाध्यक्ष डा. रामगोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक महिलाओं ने एसडीएम से मिलकर गांव के राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि वह उन्हें राशन नहीं दे रहा है मांगने पर अभद्रता करता है। एसडीएम ने बताया कि दोनों समस्याओं के निस्तारण के लिए निर्देश कर दिए गए हैं। साथ ही सीओ गमलेश्वर बिल्टोरिया को भी शराब की बिक्री के संबंध में जानकारी दी गई है।
घर का सामान बेचकर पीते हैं शराब
अफजलगढ़। गांव सीरवासुचंद की महिलाओं ने बुधवार को कच्ची शराब की ब्रिकी पर रोक लगाने की मांग को लेकर आबकारी पुलिस के विरुद्ध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि शराब की वजह से घर परिवार बर्बाद हो रहा है। बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा कि लोग घर का सामान तक बेच कर शराब पी जाते हैं। इस गांव की महिला किशन देई, भूरिया देवी, अवरो देवी, उषा, छोटी, रिषो देवी, ब्रह्मवती, नन्ही, मूर्ती, सूरज कला, संतोष, सरस्वती, रामवती, गुड्डी आदि ने कहा कि गांवों में पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से कच्ची शराब की बिक्री हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि खाकी के संरक्षण में ही शराब का अवैध कारोबार तेजी के साथ फल फूल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शराब माफिया के हौसले बुलंद हैं। महिलाओं की शिकायत है कि परिवार के लोग ही शराब के नशे में मारपीट करते हैं। घर का सामान तक बेच कर शराब पी जाते हैं। महिलाओं ने कहा कि प्रशासन आंदोलन के बावजूद शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने से हिचक रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि सीओ यशपाल सिंह भी कच्ची शराब की बिक्री पर रोक लगाने का भरोसा देकर उन्हें धोखा देने का काम कर रहे हैं।