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साहब जी ! निजी अस्पताल वाले नहीं लेते पुराने नोट

Sat, 19 Nov 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में एसबीआई में उमड़ी भारी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर  में पुराने 500 और 1000 के नोट बंद होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में चिकित्सकों ने पुराने 500 और 1000 के नोट नहीं लेने का बोर्ड तक लगा दिया है। मरीजों ने जिला प्रशासन से उनकी समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की है। मरीजों ने कहा कि साहब जी निजी अस्पतालों में पुराने नोट नहीं बदले जाते। इससे दूरदराज से आने वालों मरीजों के तीमारदारों को रुपये खुले कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। 
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देश में पुराने 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने से उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं को पूरे दिन बैंकों की लाइन में गुजारना पड़ रहा है। वहीं, निजी अस्पतालों में भी चिकित्सक 500 और 1000 का पुराना नोट लेने से मना कर रहे हैं। निजी अस्पतालों में चिकित्सकों ने पुराने 500 और 1000 के नोट नहीं लेने का बोर्ड तक लगा दिया है। नहटौर के गांव बालापुर निवासी कामेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी दीप्ति सिंह को रोडवेज के निकट एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां इलाज के लिए लेकर आए थे। उन्होंने फीस के लिए काउंटर पर 500 का नोट जमा किया, तो कर्मचारी ने लेने से मना कर दिया। बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी निवासी महीपाल सिंह ने कहा कि वह अपने पिताजी को जजी चौक स्थित चिकित्सक के यहां दिखाने ले गए थे। वहां भी काउंटर पर उनसे पांच सौ का नोट लेने से मना कर दिया। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. द्विपेंद्र सिंह के मुताबिक सरकार द्वारा प्राइवेट अस्पतालों को 500 व 1000 के पुराने नोट लेने के संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं दिया गया है। केवल सरकार ने सरकारी अस्पताल, मेडिकल और प्राइवेट मेडिकल के लिए ही पुराने नोट लेने का निर्देश दिया है।  

 दो हजार के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहा दूल्हा 
 शादी के परिवार वालों को ढाई लाख रुपये देने का सर्कुलर साफ्टवेयर में अपडेट नहीं होने के कारण शादी वाले परिवार निराश होकर बैंक से लौट रहे हैं। अपनी शादी के लिए दिल्ली से रुपये निकालने बिजनौर आए नासिर असगर को पीएनबी में दो घंटे लाइन में खड़ा होने के बाद भी दो हजार रुपये मिले। केवल एसबीआई का ही साफ्टवेयर अपडेट हुआ है। एसबीआई की मुख्य शाखा से सात परिवारों को शादी के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये दिए गए हैं। मोहल्ला मिर्दगान निवासी नासिर असगर दिल्ली में एक कंपनी में काम करता है। 26 नवंबर को उसकी शादी है। नासिर के अनुसार वह शादी वाले परिवारों को ढाई लाख रुपये निकालने की घोषणा के बाद छुट्टी लेकर पीएनबी शाखा में आया था। हालांकि बैंक वाले दो हजार रुपये से ज्यादा देने को तैयार नहीं हुए। दो हजार रुपये भी दो घंटे लाइन में लगने के बाद मिले। नासिर के अनुसार इतने पैसों में तो जूते भी नहीं आएंगे। नासिर के अनुसार उसकी ससुराल के सदस्य भी ऐसे ही परेशान घूम रहे हैं। पीएनबी के अलावा बाकी बैंकों में साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुए। बैंक कर्मचारियों के अनुसार बैंकों में कैश खत्म हैं। साफ्टवेयर अपडेट हो गया तो भी कुछ फायदा नहीं होगा। उपभोक्ताओं को देने के लिए एसबीआई की बाकी ब्रांचों में भी पैसा नहीं है। एटीएम मशीनों पर भी सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग जाती है।
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पंचायत में नोटबंदी का मुद्दा छाया 
बिजनौर में भाकियू (भानू) की पंचायत में सहकारी बैंक में लेनदेन बंदी का मुद्दा छाया रहा। 
यूनियन की पंचायत गन्ना समिति परिसर में हुई। पंचायत में सहकारी बैंक में लेन देन बंद होने पर रोष जताया गया। किसानों का कहना था कि उनके खाते सहकारी बैंक में हैं। रबी की बुवाई करीब है। किसान को गेहूं का बीज व खाद खरीदना है। किसान पैसे नहीं होने से खाद बीज के लिए भटकता फिर रहा है। दुकानदार उधार देने को तैयार नही हैं। किसानों ने एक सुर में सहकारी समितियों में 500 व 1000 के      नोट लिए जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष विजय सिंह सहरावत की अगुवाई में किसान नारेबाजी करते कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां एडीएम वित्त को दिए ज्ञापन में गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, भुगतान 15 दिन में कराने, टूटी सड़कों की मरम्मत कराने, सहकारी बैंकों में लेनदेन शुरू कराने की मांग की गई हैं। इस मौके पर रामकुमार, वीरेंद्र सैनी, विपिन त्यागी, अरविंद त्यागी, धर्मपाल, मेघपाल आदि मौजूद रहे। वहीं सहकारी बैकों में लेनेदेन बंद होने को लेकर किसानों की सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी से वार्ता हुई।  भाकियू के जिला अध्यक्ष विजय सिंह सहरावत के अनुसार सीडीओ ने कहा है कि शनिवार को एक करोड़ रुपया सहकारी बैंकों को भेज दिया है। सोमवार को एक करोड़ रुपया और भेज दिया जाएगा। किसानों को परेशानी नहीं होने  दी जाएगी। 

करेंसी के लिए हुई हाथापाई 
धामपुर में बैंकों में नई करेंसी नहीं आने से शनिवार को खाताधारकों का गुस्सा फूट पड़ा। कई बैंकों में उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने बैंक अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए आरबीआई से शिकंजा कसने की मांग की है। धामपुर में दो बैँकों में करेंसी को लेकर ग्राहकों और बैंक अधिकारियों में हाथापाई हुई। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। शेरकोट के एक बैंक में खाताधारकों और बैँक के अधिकारियों में नई करेंसी लेनदेन को लेकर तीखी नोकझोंक हुई।  
नगर क्षेत्र के बैंकों में पुराने 500 और 1000 के नोटों को संबंधित लोगों के खातों में जमा करने का काम चल रहा है। एसबीआई और दो अन्य बैंकों को छोड़कर अपने खातों से धन लेने वालों के लिए नई करेंसी सरकार की ओर से अभी तक नहीं उपलब्ध कराई जा सकी है। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में  नई करेंसी को लेकर दिनभर हंगामा हुआ। ग्राहक दिनेश , कृपाल, हिरदेश, गणेश का कहना है कि वह दो दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे है। उन्हें खातों से उनकी ही रकम नहीं दी जा रही है। जिला अरबन कोआपरेटिव बैंक में खाताधारकों की जबरदस्त धक्की मुक्की रही। 
पंजाबी कॉलोनी के सामने स्थित एक बैंक में शनिवार को बैंक के अधिकारियों और ग्राहकों के बीच हाथापाई हो गई।  पुलिस पहुंचकर मामले को शांत कराया।  एचडीएफसी बैंक में नोटों की अदली-बदली होने के कारण सुबह आठ बजे से लाइन लग गई। शेरकोट में बैंक में अधिकारी और  लोगों के बीच मारपीट हो गई। 
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