- नई पर्यटन नीति पर आयोजित हुई कार्यशाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने उद्यमियों से सहयोग मांगा। जिन्हें हरसंभव मदद मुहैया कराने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित करने की घोषणा की गई। वहीं अनुदान और योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में नई पर्यटन नीति 2022 पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसमें डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि उद्यमी ऑनलाइन एमओयू हस्ताक्षर कर नई पर्यटन नीति का लाभ उठा सकते हैं। पर्यटन के क्षेत्र में प्रोजेक्ट लगाने पर 25 से 30 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। वहीं भूमि खरीदने पर स्टांप ड्यूटी की छूट, भू उपयोग परिवर्तन शुल्क एवं विकास शुल्क से पूरी छूट मिलने का प्राविधान है। स्किल डेवलपमेंट, रोजगार की व्यवस्था, इनोवेशन आदि करने पर भी काफी छूट मिलेगी।
डीएम ने उद्यमियों से कहा कि वह आगे बढ़े, शासन व प्रशासन आपके साथ खड़ा है। समय के साथ नहीं चलेंगे तो पीछे रह जाएंगे। अमानगढ़, बैराज आदि विभिन्न पर्यटन स्थलों पर कार्य हो सकेगा। लखनऊ से विशेष सचिव पर्यटन ने कहा कि बिजनौर एक नई कारपोरेट का गेट बनकर उभर रहा है। उन्होने बताया कि 10 लाख से 500 करोड़ तक के प्रोजेक्ट पर अनुदान की व्यवस्था है, अधिकतम अनुदान 40 करोड़ तक का है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने कहा कि नई पर्यटन नीति में 33 सेक्टर है। एसपी दिनेश सिंह ने कहा कि बिजनौर संभावनाओं से भरा शहर है। पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि होटल, रिजार्ट, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस सेंटर, योग केंद्र, थीम पार्क, एम्युजमेंट पार्क, ढाबा, रेस्टोरेंट, मेरिज हॉल, वे-साइड एमेनेटीज,पर्यटन शैक्षिक संस्थान, हैरिटेज होटल, हैरिटेज होम स्टे, फार्म स्टे, एग्री प्रोजेक्ट आदि में निवेश किया जा सकता है। इस दौरान उद्यमियों में आईआईए चैप्टर के चेयरमैन सौरव माथुर, अमित कुमार गोयल, विनय चौहान, जुगनू चौधरी, ऋषभ देव शर्मा आदि मौजूद रहे।