अफजलगढ़ केहरीपुर गुरूद्वारे में शबद कीर्तन करते जत्थेदार।
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अफजलगढ़। चार साहिबजादों और माता गुजर कौर के शहीदी दिवस पर केहरीपुर स्थित संतोखसर साहिब गुरुद्वारा पर तीन दिवसीय गुरमत समागम का आयोजन किया गया। श्री अखंड पाठ के समापन के अवसर पर दिवान कवीशरी जत्था ज्ञानी साहब सिंह, रागी जत्था ज्ञानी अबजीत सिंह, कथा वाचक ज्ञानी गुरशरण सिंह (अमृतसर) ढाडी जत्था बलवीर सिंह पारस, रणजीत सिंह, अर्पणप्रीत कौर, किरनदीप कौर ने गुरुवाणी व शबद कीर्तन किया।
कथावाचक व रागी जत्थों ने साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह की वीरता का बखान किया। बताया कि इस्लाम धर्म नहीं कबूलने पर सरहिंद के नवाब ने दोनों को दीवार में जिंदा चिनवा दिया गया था। लेकिन गर्व की बात थी कि दीवार बनने के साथ ही साहिबजादों ने ‘जपु जी साहिब’ का पाठ करना शुरू कर दिया था। दीवार पूरी हुई और अंदर से जयकारों की आवाज आई, दीवार तोड़ी गयी तो साहिब जादे जिंदा थें लेकिन बाद में बच्चों को मार दिया गया। उधर साहिबजादों के शहीद होने की खबर सुनकर गुरू गोविन्द सिंह जी की माता गुजर कौर जी ने अकाल पुरख को इस गर्वमयी शहादत के लिये आभार करते हुए प्राण त्याग दिये।
समापन के मौके पर गुरू का भोग लगाकर प्रसद वितरण कर लंगर अटूट बरताया गया।