नजीबाबाद में ब्राह्मण सभा महिला प्रकोष्ठ और जैन समाज की महिलाओं ने होली मिलन कार्यक्रम आयोजित कर होली पर्व का उल्लास मनाया।
ब्राह्मण धर्मशाला में ब्राह्मण सभा महिला प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ. पुष्पलता इंदु ने कहा कि होली पर्व असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। यह त्यौहार हमें प्रेम, सौहार्द का संदेश देता है। ढोलक की थाप पर थिरकते हुए महिलाओं ने फूलों की बौछार के साथ गुलाल से एकदूसरे को रंगते हुए होली का उल्लास मनाया। कार्यक्रम में कमलेश द्विवेदी, पुष्पा पाठक, रमा शुक्ला, दुर्गेश पांडेय, रीना शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। जैन महिला मंडल की ओर से दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में होली मिलन कार्यक्रम आयोजित हुआ।
अध्यक्ष कुमकुम जैन की देखरेख में हुए कार्यक्रम में महिलाओं ने होली के गीत गाए। महिलाओं ने एकदूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। उधर, नजीबाबाद डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन की ओर से प्रदीप डेजी के संचालन में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में अध्यक्ष अजीत गुप्ता, मंत्री सुरेश चंद माहेश्वरी ने व्यापारियों से आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने की सलाह दी।
इस मौके पर आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शरद अग्रवाल को अध्यक्ष और सुरेश चंद माहेश्वरी को मंत्री चुना गया।
खूब उड़ाया अबीर गुलाल
बिजनौर में रवा राजपूत संघ के तत्वावधान में कृष्णापुरम में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। कृष्णापुरम में आयोजित कार्यक्रम में सभी ने एक दूसरे को जमकर अबीर गुलाल लगाया। इस मौके पर मनीष राजपूत ने कहा कि होली उल्लास और सद्भाव का त्यौहार है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनीत राजपूत ने और संचालन देवेंद्र राजपूत ने किया। इस मौके पर अजय कृष्ण राजपूत, अनिल राजपूत, अतुल, ब्रजराज, अरुण, मुकेश आदि उपस्थित रहे।
होली मिलन पर आयोजित प्रतियोगिता
बिजनौर। वैश्य अग्रवाल राजवंश सभा द्वारा होली मिलन कार्यक्रम पर बड़ों और बच्चों ने नृत्य, व्यंग, कविता आदि प्रतियोगिताओं में भाग लिया। रविवार रात एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में चौथी पीढ़ी देख रहीं शैल गुप्ता और प्रेमचंद्र को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ नृत्य के लिए खुशी गुप्ता को राजवंश मयूरी पुरस्कार दिया गया। शांति पाठ कंठस्थ करने वाले सभी सदस्यों को पुरस्कृत किया गया। सभी आगंतुकों को राजवंश रत्न राजा रतन चंद्र जी की रिंग उपहार स्वरूप दी गई। वरिष्ठ सदस्य वीपी गुप्ता ने बुराईयों से दूर रहने और जरूरतमंदों की सहायता करने का आह्वान किया। पीके मित्तल को सम्मानित किया गया। अध्यक्ष बालेश गुप्ता ने सभी को होली की बधाई दी और मंत्री विनित गर्ग ने कार्यक्रम भवन निर्माण में सहयोग देने को कहा। कार्यक्रम का संचालन सौरभ राजवंशी ने किया। शांति पाठ के जाप के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। महिला सभा अध्यक्ष अरुणा मित्तल, सौरभ राजवंशी, विनीत कुमार आदि मौजूद रहे।
होली पर्व मनाया
चांदपुर। भगवंत पब्लिक स्कूल में होली का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानाचार्या कलावती शर्मा, उप प्रधानाचार्य पवन कुमार और स्टाफ ने छात्र छात्राओं को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। इसमें डॉ. ब्रहमपाल सिंह, सतीश चौधरी, डॉ. शिवानी शर्मा, गौरव कुमार, चंद्रशेखर पाठक, पारूल शर्मा आदि का सहयोग रहा।
होली सद्भाव और प्रेम का त्योहार
नहटौर। मां तुझे प्रणाम समिति के तत्वावधान में होली के रंग सभी के संग कार्यक्रम में एक दूसरे के गुलाल लगाकर होली को सद्भाव के साथ मनाने की अपील की गई। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। बलराम कुंवर विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित होली के रंग सभी के संग कार्यक्रम का क्षेत्रीय बसपा विधायक ओमकुमार और संपादक सूर्यमणि रघुवंशी ने शुभारंभ किया। कार्यक्रम में एसजीएल पब्लिक स्कूल के छात्राओं ने स्वागत गीत गाय। विधायक ओमकुमार ने कहा कि त्यौहार हमारी संस्कृति की अनमोल धरोहर है। इस मौके पर शशि प्रभा रघुवंशी, विनय चौधरी, रेणु चौधरी, सुनील त्यागी, नरेश फौजी, कपिल देव प्रधान, सुबोध कुमार, अरविंद चौधरी रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
जो दिखा, उसी को रंग में नहला दिया
धामपुर। होली महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को भी हुरियारों के रंगों की चारों ओर जमकर बरसात हुई। जो गली मोहल्लों और सड़कों पर हुरियारों को दूर से भी आता नजर आया तो उन्होंने दौड़ लगा पास पहुंचकर उसे रंग से सराबोर कर दिया।
धामपुर की होली में जिले में ही नहीं बल्कि उत्तरी भारत में होलियों में सबसे प्रसिद्ध है। यहां पर रंग की एकदशी से होली का रंग शुरू हो जाता है। सोमवार को रंग सवेरे आठ बजे से शुरू हुआ। जो तीन बजे तक चला। क्षत्रियनगर के सामने तो दोपहर तक वहां स्थित बैंकों में ग्राहक ही नहीं दिखाई दिए। मुख्य डाकघर के पास भी हुरियारों ने दोपहर बाद तक जमकर हुड़दंग किया। खारी कुआं पर डीजे के होली के गीतों पर हुरियारों ने पहले तो आपस में रंग खेला। फिर बाद में आने जाने वालों को रंग में सराबोर किया।