शासन ने माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए नई पहल की है। अब अंग्रेजी शिक्षकों व प्रवक्ताओं को काॅलेज में इंग्लिश स्पीकिंग अर्थात अंग्रेजी बोलना अनिवार्य होगा। सामान्य तौर पर यह देखने में आया है कि अंग्रेजी शिक्षक व प्रवक्ता कॉलेज में पढ़ाते समय अंग्रेजी नहीं बोलते हैं। जिससे विद्यार्थी इंग्लिश स्पीकिंग नहीं कर पाते हैं।
शासन ने अंग्रेजी शिक्षकों व प्रवक्ताओं को इंग्लिश स्पीकिंग होना अनिवार्य कर दिया है। सूबे के शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने इस आशय का पत्र जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजा है। पत्र के अनुसार शिक्षकों व प्रवक्ताओं को इंग्लिश स्पीकिंग में प्रशिक्षित करने के लिए 15 जून से प्रशिक्षण शुरू हैं। प्रशिक्षण ऑनलाइन है।
बताया गया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अंग्रेज़ी शिक्षकों व प्रवक्ताओं को डिजिटल सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स पूरा करने की जानकारी काॅलेज के प्रधानाचार्य को देगा। प्रधानाचार्य डीआईओएस को सूचना देंगे। डीआईओएस कार्यालय से सूचना शासन को जाएगी।
ये होगा प्रशिक्षण में
जिले में यूपी बोर्ड के 387 विद्यालय हैं। माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 06 से 12 तक अंग्रेजी विषय अनिवार्य विषय है। हर विद्यालय में अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता व शिक्षक औसतन 02 से 04 तक हैं। इस प्रकार अंग्रेजी प्रवक्ता व शिक्षक 500 से अधिक हैं। महानिदेशक द्वारा जारी पत्र के अनुसार सभी को कोर्स करना अनिवार्य है। प्रशिक्षण कोर्स में 124 माड्यूल हैं। प्रत्येक माड्यूल 10 मिनट का है। प्रत्येक माड्यूल के अंत में एसेसमेंट प्रश्न होंगे। प्रत्येक माड्यूल के एसेसमेंट को क्लीयर करना जरूरी है। समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन है।