फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंदिरों में गूंजे हर-हर, बम-बम के जयकारे

विज्ञापन
बिजनौर में बाइक से गंगाजल लेकर जाते कांवड़िये। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
मंदिरों में गूंजे हर-हर, बम-बम के जयकारे
विज्ञापन

बिजनौर। महाशिवरात्रि पर बृहस्पतिवार रात 12 बजे से ही शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो गया। हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर शिवभक्त बृहस्पतिवार शाम तक शिवालयों में पहुंच गए थे। इस दौरान हर हर महादेव के जयकारे भी गूंजते रहे। हरिद्वार से दिनभर जिले के कांवड़ियों के आने का सिलसिला जारी रहा।
महाशिवरात्रि का त्योहार आज है। शिवालयों पर बृहस्पतिवार रात 12 बजे से जलाभिषेक शुरू हो गया। बृहस्पतिवार दिन भर शिवालयों को सजाया गया। रात में ही मंदिरों के बाहर कांवड़ियों की लंबी लाइन लग गई थी। आज बिजनौर में गीता नगरी, शिव मंदिर, बालाजी मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, लाखन के घेर स्थित मंदिर, काली मां मंदिर समेत कई मंदिरों पर जलाभिषेक होगा। इन मंदिरों को सजाया गया है। झालू मार्ग स्थित कुबड़ा शिव मंदिर को भी सजाया गया है। गांव खारी स्थित प्रसिद्ध झारखंडी मंदिर को आकर्षण ढंग से सजाया गया है। इस मंदिर पर बड़े मेले का आयोजन होता है। दूर दराज के शिव भक्त इस शिवालय पर कांवड़ का जल चढ़ाने के लिए आते हैं। आसपास के गांव के अलावा बिजनौर व अन्य क्षेत्रों के श्रद्धालु भी शिवालय पर शाम को ही पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

कस्बा झालू में मनोकामना शिव मंदिर, राम लीला मैदान स्थित शिव मंदिर, ठाकुरद्वारा शिव मंदिर, छतरीवाला कुआं शिव मंदिर, बड़ा बाजार स्थित शिव मंदिर, महामृत्युंजय शिव मंदिर को भी सजाया गया है। इन शिव मंदिरों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। बुधवार की रात हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर चले जिले के शिव भक्त बृहस्पतिवार शाम तक ही शिवालयों पर पहुंच गए। कुछ कांवड़िए आज सुबह शिवालयों पर पहुंचेंगे। मंडावली से चंदक, बिजनौर मार्ग पर दिनभर कांवड़िये दौड़ते रहे। यही हाल मंडावली, मौज्जमपुर -किरतपुर मार्ग का रहा। कांवड़ियों से पूरे मार्ग भरे हुए रहे। कोई डीजे की धुन पर डाक कांवड़ लेकर आ रहा था तो बड़ी तादाद में पैदल कांवड़िए चल रहे थे। चौतरफा बम बम भोले की गूंज सुनाई दे रही थी। मंडावर मार्ग पर जगह जगह शिविर लगे थे। श्रद्धालु कांवड़ियों को रोककर उनकी सेवा में जुटे रहे। सिद्व पीठ प्राचीन श्री बालाजी मंदिर की ओर से चंदक के पास शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कांवड़ियों को भोजन और जलपान कराया गया। बीमार कांवड़ियों को श्रद्धालुओं ने दवाई भी उपलब्ध कराई।

नगीना के प्राचीन बड़ा मंदिर श्री मुक्तेश्वर नाथ के शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए पहुंची भगव?- फोटो : BIJNOR

हरिद्वार से जल लेकर चांदपुर से गुजरते बुलंदशहर निवासी मां, बेटा व पोता।- फोटो : BIJNOR

हरिद्वार से कांवड में जल लेकर चांदपुर से गुजरते शिवभक्त।- फोटो : BIJNOR

अफजलगढ़ में कांवड़ लेकर जाते कांवड़िये।- फोटो : BIJNOR

हल्दौर के गांव पैजनियां में सजाया गया मंदिर।- फोटो : BIJNOR

हल्दौर में गंगाजल लेकर जाते कांवड़िये।- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें