नजीबाबाद (बिजनौर)। सावन माह की शिवरात्रि नजदीक आते हुए कांवड़ मेले में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी है। मार्गाें पर बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। गंगाजल से भरे कलश और कांवड़ कांधों पर लेकर कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।
23 जुलाई को श्रावण मास की शिवरात्रि है। हरिद्वार से शिवभक्तों का गंगाजल और कांवड़ लाने का सिलसिला जारी है। कांवड़ मेले में लगातार कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। मोटा महादेव मंदिर के पुजारी शशिनाथ ने बताया कि बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में कांवड़िए मंदिर पर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पुजारी ने बताया कि शनिवार और रविवार को कांवड़ मेले में अधिक संख्या में शिवभक्त शामिल होंगे।
उधर, नजीबाबाद-बुंदकी मार्ग से मुरादाबाद, काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर, अमरोह, संभल क्षेत्र के कई जत्थे कांवड़ ले जाते दिखे। शिवभक्त अवनीश, सौरभ, अनिकेत, ऋषभ, सोनू ने बताया कि उन्होंने परिवार की समृद्धि और सुख शांति के लिए मन्नत मांगीं है। उधर, समाजसेवी शिविरों के माध्यम से शिवभक्तों की सेवा कर रहे हैं।
गंगाजल कलश से झुके कांधे, नहीं डगमगाई शिवभक्तों की आस्था
नजीबाबाद। हरिद्वार से ला रहे भारी भरकम गंगाजल कलश कांवड़ से शिवभक्तों कांधे झुके हुए हैं, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था ने उनके कदम डगमगाने नहीं दिए। बम भोले की गूंज के साथ शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को नगर क्षेत्र से बड़ी संख्या में शिवभक्त 40 से 120 लीटर गंगाजल की कांवड़ ले जाते दिखे। कोई परिवार की सुख शांति तो युवक नौकरी की कामना के अपने कांधों पर कांवड़ ले जा रहे हैं। मंदिर के पुजारी ने शशिनाथ ने बताया कि शिवभक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अपनी इच्छा से भारी भरकम कांवड़ ले जाते हैं। शिवभक्त अधिक भार वाली कांवड़ ले जाकर भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति की परीक्षा देते हैं। पिछले तीन सालों से भारी संख्या में शिवभक्त भारी भरकम कांवड़ ले जा रहे हैं।
नजीबाबाद के सीकेआई चौराहे से गुजरते कांवड़िए।
नजीबाबाद के सीकेआई चौराहे से गुजरते कांवड़िए।