बिजनौर में टॉउन हॉल परिसर में मृतक शिक्षामित्रों को श्रद्घांजलि देते शिक्षामित्र। स्रोत संगठन
बिजनौर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में डीएम में ज्ञापन सौंपा। इसके बाद टाउन हॉल पहुंचकर प्रदेश में अब तक मृतक शिक्षामित्रों को श्रद्धांजलि देते हुए पुष्प अर्पित किए। सभा में शिक्षामित्रों के कम वेतन, आयुष्मान कार्ड बनाने सहित अन्य मुद्दे उठाए।
सभा में सुचित मलिक ने कहा कि प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र पिछले 25 वर्ष से प्रदेश के शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य में लगे हुए हैं। लेकिन, उन्हें सिर्फ 10 हजार रुपये प्रतिमाह मिल रहा है। जिलाध्यक्ष अजयपाल सिंह ने मानदेय महंगाई के अनुसार 35 हजार रुपये प्रतिमाह करने, मूल विद्यालय एवं अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, शिक्षामित्रों को ईपीएफ योजना में शामिल करने, मृतक शिक्षामित्रों के परिवारो को आर्थिक सहायता प्रदान करने, उनके परिवार के सदस्य को उसी पद पर नौकरी दिए जाने की मांग की।
जिलामंत्री अनुज राणा, सत्यपाल सिंह, श्रवण कुमार, गजेंद्र सिंह, सूरज यादव, ओमपाल सिंह, अतुल कुमार, पंकज राजपूत, दीपा रानी, संजू राणा, रीता चौधरी मौजूद रहे।
शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन : टकासमपुरगढ़ी/रेहड़ में आठ वर्ष पूर्व 25 जुलाई को उच्चतम न्यायालय से समायोजन रद्द हो जाने के विरोध में शिक्षमित्रों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। अफजलगढ़ ब्लाॅक अध्यक्ष ऋषिपाल सिंह ने बताया कि समायोजन रद्द होने एवं वर्तमान में मिल रहे मासिक वेतन से शिक्षामित्रों के समक्ष आर्थिक तंगी की समस्या आ रही है।