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गांव मुबारकपुर कल्हेड़ी में शेरी नशिस्त आयोजित

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नजीबाबाद के गांव मुबारकपुर कल्हेड़ी में प्रशस्ति पत्र के साथ शायर। - फोटो : NAZIBABAD
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एक इशारे से वह गर्दिश को टाल देता है...
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जलालाबाद। गणतंत्र दिवस के मौके पर मुबारकपुर कल्हेड़ी में आयोजित शेरी नशिस्त में शायरों ने देशभक्ति से जुड़े कलाम पेश कर खूब वाहवाही लूटी।
जलालाबाद क्षेत्र के गांव मुबारकपुर कल्हेड़ी में महताब अख्तर के निवास पर अब्दुल हमीद की याद में शेरी नशिस्त आयोजित हुई। शेरी नशिस्त का आगाज वाजिद अली शाह ने नाते-पाक से किया। मुकीम अहमद ने जोश हो जज्बा हो मेहनत हो लगन हो, मै अपनी मंजिल की तरफ तुम को अगर जाना है। नदीम साहिल ने एक इशारे से वह गर्दिश को टाल देता है...। कसर अख्तर ने अर्श तक जारी मजलूमों की पुकार देख वह आ रही है...। मो.आदिल जिंदगी का हम अपने शानों पर एक जनाजा...। कारी शाकिर रिजवी ने पूछते हैं जमीन व फलक कुछ बताओ तो...। वाजिद अली शाह ने इतना करीब आके पलटना फजूल है। सईद अली, सुकलैन अली, सिराजुद्दीन, इदरीस अहमद, मो.अता, डॉ.इल्यास आदि ने भी अपने कलाम पेश किए। इस मौके पर हाजी शाहिद, मास्टर तनवीर, मास्टर इरशाद, मास्टर शकील, मुंशी अली हसन, अब्दुल रशीद, मो.नाजिम, शहजाद अख्तर, मो.अजीम आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में शायरों को उर्दू जुबान की खिदमत के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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