बैराज पर गंगा में चलांग लगाने वाली छात्रा ललिता का फोटो
बिजनौर। दस मिनट तक बिजनौर बैराज के पुल पर चचेरी बहन के साथ टहलते हुए ललिता अचानक ही रेलिंग पर झुकी और गंगा में छलांग लगा दी। इस वक्त चचेरी बहन ने ललिता के बाल पकड़कर गिरने से रोकने का प्रयास किया। इस प्रयास में खुद भी गिरते गिरते बची।
ललिता के पिता ने बताया कि साथ रही चचेरी बहन अक्षी के साथ वह रोज ही टहलने के लिए निकलती थी। गंगा बैराज पर जाने को लेकर वह उसके इरादों को नहीं भांप सकी। बताया कि अक्षी ने बाल पकड़कर रोकने का प्रयास भी किया। फिर शोर मचाया मगर कोई भी वाहन वाला नहीं रुका। इसके बाद दो पुलिसकर्मी दौड़ते हुए पहुंचे। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना के बाद से अक्षी सदमे में है और वह बोल भी नहीं पा रही है।
ट्रेन से उतरते ही बैराज की ओर दौड़ पड़े पिता
ललिता सिंह का एक भाई लखनऊ में साइंटिस्ट है। जिसे बुखार होने पर पिता वेदप्रकाश लखनऊ गए हुए थे। सोमवार की सुबह वेदप्रकाश लखनऊ से लौटे। इसी बीच ट्रेन में उन्हें बेटी के आत्मघाती कदम की जानकारी मिली। जिसके बाद वे ट्रेन से उतरते ही बैराज की ओर दौड़ पड़े। वेदप्रकाश सिंह का दूसरा बेटा नोएडा में नौकरी करता है जोकि इंजीनियर है। ललिता अपने दो भाइयों की इकलौती बहन थी।
सात दिन पहले ही हुई थी ललिता की सगाई
परिवार वालों ने बताया कि ललिता अपनी पसंद के लड़के से शादी करने वाली थी। पिछले सोमवार को ही उसकी सगाई हुई थी। ललिता का मंगेतर शहर में चिकित्सक है। जिनमें काफी दिनों से मेलजोल था। ललिता ने चांदपुर के कन्या वैदिक इंटर कॉलेज से इंटर और दरबाड़ा कॉलेज से बीएससी की थी। इसके बाद एमसीए किया और दिल्ली में मलूका आईएएस कोचिंग सेंटर मुखर्जी नगर में दो साल तक तैयारी की। अब भी ऑनलाइन क्लास लेकर तैयारी में लगी थी।
बंद कराए गए बैराज के दो गेट
ललिता को ढूंढने के लिए बिजनौर बैराज के गेट नंबर 24 और 25 को बंद कराया गया है। ताकि इन गेट के सामने गंगा के जलस्तर में कमी आ सके। जिससे सर्च अभियान में आसानी रहेगी।
बैराज पर गंगा में चलांग लगाने वाली छात्रा ललिता का फोटो