बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देने का दोषी पाते हुए शहजाद को छह माह परिवीक्षा अवधि से दंडित किया है।
शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र राजपूत के अनुसार थाना चांदपुर के मोहल्ला फतियापाड़ा निवासी गुलजार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री सेहला एमकॉम प्रथम वर्ष में पढ़ती है। मोहल्ले के ही शहजाद से कभी-कभी बात कर लेती थी। एक साल से बात भी नहीं की थी। शहजाद उसकी पुत्री को परेशान करता था। उसने सेहला का रिश्ता तय कर दिया। पांच अप्रैल 2017 की शाम साढ़े पांच शहजाद गाली गलौच करते हुए उसके घर में घुस आया। तमंचे से उस पर फायर किया। गोली कान को छूते हुए शीशे में जा लगी।
मोहल्ले वालों के आने पर वह जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। इस मामले में अदालत ने शहजाद को सिर्फ घर में घुसकर जाने से मारने की धमकी देने का दोषी पाया और उसे छह माह की परिवीक्षा अवधि पर इस शर्त के साथ छोड़ा कि वह इस दौरान शांति बनाए रखेगा। किसी प्रकार के अपराध में शामिल नहीं होगा।