- 16 जुलाई 2016 को सुबह साढ़े आठ बजे डंडा मारकर की गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामअवतार यादव ने गंगोत्री देवी हत्याकांड में दोषी पाते हुए जावेद उर्फ अनीस उर्फ दुग्गी को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपयेे अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से आधी धनराशि मृतका के पति रामोतार शर्मा को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार थाना मंडावली के गांव विजयपुर निवासी रामोतार शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कोटद्वार में ड्यूटी करता है। 16 जुलाई 2016 को सुबह साढ़े आठ बजे अपने घर विजयपुर से कोटद्वार ड्यूटी करने गया था। दोपहर दो बजे उनके भतीजे ने फोन पर सूचना दी कि उनकी पत्नी गंगोत्री घर में बेहोश हालत में पड़ी है। सूचना पर कोटद्वार से आया तो देखा कि उनकी पत्नी गंगोत्री देवी घर में मरी पड़ी है। उनके सिर पर किसी ने डंडा मारा है, जो पास में ही पड़ा है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई कि जावेद उर्फ अनीस उर्फ दुग्गी ने डंडे से प्रहार कर गंगोत्री देवी की हत्या की है। पुलिस ने इस मामले में जावेद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर जावेद उर्फ अनीस उर्फ दुग्गी को गंगोत्री देवी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।