बिजनौर। जनपद के अफजलगढ़, स्योहारा और हल्दौर क्षेत्र में बुधवार को हुए सड़क हादसों में पिता-पुत्र सहित सात लोगों की जान चली गई जबकि दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने तीन शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जबकि दो युवकों की मौत के मामले में परिजनों ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। हादसों से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा है।
पहला हादसा बुधवार की शाम अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव खुशहाल विजयनगर के पास नहर के निकट दो बाइकों की टक्कर लगने से हुआ। पुलिस के मुताबिक इस हादसे गांव बैरीखत्ता निवासी दिलीप सिंह (80), उसका पुत्र कृपाल सिंह (50) तथा बढ़ापुर थाने के गांव वीरभानवाला निवासी रविंद्र सिंह (28) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया था। जहां से उपचार के दौरान दिलीप सिंह की मौत हो गई थी जबकि अन्य दोनों घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया था। बृहस्पतिवार को कृपाल सिंह की भी उपचार के दौरान हो गई। पिता पुत्र की हादसे में हुई मौत से ही परिवार में कोहराम मचा है।
दूसरा हादसा स्योहारा क्षेत्र में मुरादाबाद मार्ग पर गांव श्यामाबाद के पास हुआ। सहसपुर के मोहल्ला अफगानान निवासी मोहम्मद कफिल (28), इमरान (22) और रिजवान (23) बुधवार को किसी काम से स्योहारा आए थे। रात को लौटते वक्त गांव श्यामाबाद में लक्ष्य कॉलेज के पास पहुंचे अज्ञात वाहन की चपेट में आकर तीनों घायल हो गए। गंभीर चोट लगने से इमरान व रिजवान की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने 108 एंबुलेंस से घायल युवक को सीएचसी पहुंचाया। चिकित्सकों ने कफिल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने किसी भी तरह की कार्रवाई से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भर कर दोनों युवकों के शवों को परिजनों को सौंप दिया।
तीसरा हादसा हल्दौर क्षेत्र में गांव वधावा से बिलाई चीनी मिल की ओर जाने वाले मार्ग पर हुआ। गांव कूकड़ा इस्लामपुर निवासी 38 वर्षीय सुधीर कुमार बुधवार को ट्रैक्टर ट्राली से कुछ घरेलू सामान लेकर अपनी ससुराल थाना नहटौर के गांव नवादा चौहान गया था। शाम को वह ट्रैक्टर ट्राली लेकर लौट रहा था। गांव वधावा से बिलाई चीनी मिल की ओर जाने वाले मार्ग पर पड़ने वाली सूखी नहर में ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। सुधीर कुमार की ट्रैक्टर के नीचे दबकर मौत हो गई। उसका शव पूरी रात ट्रैक्टर के नीचे दबा रहा। सुबह को जब हादसे का पता चला तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। किसी ने शनाख्त कर सूचना पुलिस व सुधीर के परिजनों को दी। सूचना पर पुलिस व परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। उधर, किसान की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।
खंभे से टकराई बाइक, युवक की मौत
नूरपुर। दोस्तों के साथ होटल से खाना खाकर लौट रहे बाइक सवार युवक की बाइक खंभे से टकरा गई। हादसे में युवक की मौत हो गई। बुधवार रात शिवाला कलां थाना क्षेत्र के गांव मंझौला बिल्लोच निवासी नियाज खां का 25 वर्षीय पुत्र महताब गांव के ही दो दोस्तों नासिर और बब्बू के साथ नूरपुर-मुरादाबाद हाईवे पर दौलतपुर स्थित ढाबे पर खाना खाने गया था। घर लौटते समय उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े विद्युत खंभे से टकरा गई। जिसमें महताब गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल महताब को छोड़कर उसके दोनों साथी फरार हो गए। परिजनों के मुताबिक महताब रात भर मौके पर ही पड़ा रहा और किसी समय उसकी मौत हो गई। सुबह होने पर राहगीरों ने शव पड़ा देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक के भाई रियाज खां ने पुलिस को दी तहरीर में दोनों दोस्तों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार सिंह ने आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हादसे में बाइक सवार महिला की मौत, पुत्र घायल
शेरकोट। हाईवे स्थित खो नदी के पुल पर गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली की पीछे से बाइक में टक्कर होने से बाइक सवार महिला की सड़क पर गिरने से मौत हो गई। जबकि उसका पुत्र सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि स्योहारा के मोहल्ला शेखान निवासी सोनू अपनी मां जुबैदा (45) पत्नी रहीश अहमद के साथ बाइक से शेेरकोट से घर जा रहा था। शेरकोट में ही खो नदी के पुल पर उसकी बाइक में पीछे से तेज गति से आ रही गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी। जिससे बाइक पर पीछे बैठी मां जुबैदा बाइक से हाईवे पर गिर गई। सिर में चोट फटने से उसकी मौत हो गई। जबकि सोनू घायल हो गया। पुलिस ने सोनू को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
हेलमेट पहने होते तो बच जाती जान
पुलिस के मुताबिक अफजलगढ़ और स्योहारा क्षेत्र में हुए सड़क हादसों में मरने वाले चारों लोगों ने हेलमेट नहीं पहना था। यदि हेलमेट पहने होते तो उनकी जान बच सकती थी। पुलिस अफसरों का कहना था कि सड़क हादसे बढ़ने के बाद भी युवा ट्रिपल राइडिंग करने से बाज नहीं आ रहे हैं। युवा हेलमेट भी नहीं लगा रहे हैं।