गांव हरेवली में आए तूफान के दौरान चिंगारी से लगी आग।
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बिजनौर में तूफान में कूड़ी से उठी चिंगारी से हरेवली और अलियारपुर गांव में दो छप्पर के घरों सहित सात पशुशाला जलकर स्वाहा हो गई। जबकि हरेवली में बेटी के दहेज के लिए रखा हजारों का सामान सहित 80 हजार रुपये की नकदी जल गई। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना के डेढ़ घंटे बाद भी दमकल टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। पशुपालकों के भूसे के बूंगे और बिटौरों भी धू धू कर सुलग रहे थे।
बुुधवार को दुपहर बाद आए तेज तूफान में कूड़ी से उठी चिंगारी से हरेवली निवासी मेघराज व खूब सिंह के घर जलकर स्वाहा हो गए। आग लगने से खूब सिंह की बेटी की शादी के लिए रखा दहेज का सामान सहित 30 हजार रुपये की नकदी जल गई। जबकि उसके पिता मेघराज के घर में 50 हजार रुपये की नकदी सहित घरेलू सामान जल गया। आग में खूब सिंह की एक गाय भी झुलस गई। वहीं गांव अलियारपुर में तूूफान से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने अपनी चपेट में सात पशुपालकों की छप्पर से बनी पशुशाला ले ली। गांव में रमेश की गाय, बेगराज का लिंटर, सूरज का लिंटर, जगदीश की पशुशाला, ओमप्रकाश की पशुशाला, पूरन, वीरेंद्र की पशुशाला में धू धू कर जल गई। दो पशुपालकों के लिंटर के मकान में दरार पड़ गई। इसके अलावा दर्जनों पशुपालकों के गांव से बाहर रखे भूसे के बूंगे व बिटौरे जलकर तबाहा हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन तेज हवा के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पानी व रेत डालकर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी मौके पर दमकल टीम गाड़ी लेकर नहीं पहुंचीं। पशुओं को बचाने के चक्कर में गांव निवासी लखविंदर भी बुरी तरह से झुलस गया। उधर, एसडीएम आजाद भगत सिंह का कहना है कि नुकसान के आकलन के लिए राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है।