सर्वर रहा ठप, नहीं हुए पंजीकरण
बिजनौर। शहर की बिजली गुल रहने से जनसेवा केंद्रों पर आखिरी दिन एक मुश्त समाधान योजना में पंजीकरण नहीं हुए। सर्वर डाउन रहने के कारण दिन भर उपभोक्ता कनेक्टिविटी आने का इंतजार करके रहे। शाम तक सर्वर डाउन रहा तो वे अपने घरों को लौट गए। विद्युत अभियंता संघ ने इसके लिए प्रबंधन की कार्य प्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है।
विद्युत निगम की एक मुश्त समाधान योजना में बकाएदारों को पंजीकरण कराने के लिए 15 मार्च सोमवार को आखिरी दिन था। जिले में साढ़े चार लाख से अधिक बिजली बकाएदार हैं। 13 मार्च तक बिजनौर व धामपुर सर्किल के आठ डिविजन में करीब 45 हजार बकाएदार ने ही पंजीकरण कराया है। जिले के करीब 1100 जन सेवा केंद्र पर योजना में पंजीकरण की व्यवस्था है। बकाएदार एक्सईएन, एसडीओ दफ्तरों पर भी पंजीकरण करा सकते थे। पंजीकरण एक मार्च से चल रहा था और 15 मार्च पंजीकरण की आखिरी तारीख थी।
रविवार रात से आधे बिजनौर शहर की बिजली गुल रही। इससे निजी व सरकारी दफ्तरों में कामकाज पर असर पड़ा। बकाएदार सोमवार को पंजीकरण कराने बिजली दफ्तरों व जन सेवा केंद्रों पर पहुंचे। आरोप है कि उन्हें कहा गया कि बिजली नहीं है, जिसके कारण सर्वर डाउन है। काम नहीं हो रहा है। इरशाद, सायरा, रामपाल सिंह ने बताया कि वे घंटों इंतजार करते रहे, पंजीकरण नहीं होने पर वे घर लौट गए। अधीक्षण अभियंता जेके गुप्ता ने बताया कि आखिरी दिन पंजीकरण होने की अपडेट रिपोर्ट डिविजनों से नहीं आई है। उन्होंने माना है कि तकनीकी कमियों व बिजली गायब रहने का पंजीकरण पर असर पड़ा है। योजना में बहुत कम पंजीकरण हुए हैं। शासन से ओटीएस में पंजीकरण कराने की तारीख बढ़ाने की कोई सूचना नहीं है। जिला विद्युत अभियंता संघ के कुंवर शर्मा का कहना है कि तकनीकी कमियों के लिए निगम का प्रबंध तंत्र जिम्मेदार है।
दस एमवीए का ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
बिजनौर। बिजनौर शहर के बुखारा बिजली घर पर 10-10 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर स्थित है। एक ट्रांसफार्मर रविवार से क्षतिग्रस्त है। एसडीओ राहुल गौतम बताते हैं कि एक ट्रांसफार्मर से बारी बारी से बिजली आपूर्ति हो रही है। मरम्मत की जा रही है।