अपर सत्र न्यायाधीश हनी गोयल ने निचली अदालत के फैसले का बरकरार रखा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश हनी गोयल ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के मामले में प्रदीप सहित तीन की ओर से दाखिल अपील को निरस्त कर दिया है। उन्हें निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है।
शासकीय अधिवक्ता क्षितिज अग्रवाल के अनुसार गांव सेमला निवासी प्रदीप कुमार, राजेंद्र सिंह, उमराव सिंह को अपर सीजेएम कोर्ट नंबर एक ने तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इन पर आरोप था कि प्रदीप की शादी अंजलि के साथ हुई थी। अंजलि से विवाद चल रहा था। अंजलि ने अपने पति प्रदीप, ससुर राजेंद्र उसके ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दायर किया था। 18 दिसंबर 2014 को ससुराल वालों ने उसे समझौते के नाम पर बुलाया। तीन बजे जब वह समझौता वार्ता के बाद घर लौट रही थी तो गांव तंगरौला के सामने प्रदीप, राजेंद्र और उमराव ने उसके साथ मारपीट की। धारदार हथियार से हमला किया।
इसमें अंजलि के गंभीर चोटें आईं। इस मामले में सजा होने के बाद प्रदीप, राजेंद्र, उमराव ने सजा के खिलाफ अपील दाखिल की थी। इस अपील को सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया गया है। निचली अदालत ने तीन-तीन साल की सजा को बरकरार रखा है।