-कागजों पर सत्यापन की गुंजाइश खत्म, हिस्ट्रीशीटरों के संग थानेदार की सेल्फी जरूरी
-एसपी ने व्यवस्था में किया बदलाव, अब सिपाही नहीं करेंगे सत्यापन
- लापता हिस्ट्रीशीटरों की तलाश के लिए गठित होगी टीम
- लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चल रही कवायद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन अब कागज या थाने में बैठकर नहीं हो सकेगा। जी हां, एसपी ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए थानेदारों का जिम्मा तय कर दिया है। पहले सिपाही ही इस काम को निपटा देते थे। मगर, अब सत्यापन के सबूत क्रम में थानेदारों को हिस्ट्रीशीटर के संग सेल्फी भी लेनी पड़ रही है।
लोकसभा चुनाव कराने के लिए प्रशासन के साथ साथ पुलिस भी अपनी तैयारियों में जुटी है। चुनाव में झगड़ा फसाद नहीं होने पाए, इसके लिए अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की कुंडली खंगाली जा रही है। इसके लिए पिछले एक सप्ताह से अभियान भी चल रहा है। अभियान के तहत थानेदार अपने थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों के घर घर पहुंचकर बाकायदा सेल्फी ले रहे हैं। इससे यह साबित हो जाए कि सत्यापन धरातल पर हुआ है, कागजों पर नहीं। सिर्फ इतना ही नहीं पहले इस काम को सिपाही कर लिया करते थे। इस बार एसपी नीरज कुमार जादौन ने हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन का काम थानेदारों को सौंप दिया है।
226 हिस्ट्रीशीटर घर से लापता
जिले में 2248 अपराधियों की हिस्ट्री सीट खुली हुई है। अब तक चले अभियान में 226 हिस्ट्रीशीटर घर से लापता मिले हैं। हालांकि 148 हिस्ट्रीशीटर जेल में बंद हैं। जबकि नौ की मौत हो चुकी है।
सत्यापन में अव्वल हैं किरतपुर और बढ़ापुर
छह दिनों तक चले सत्यापन अभियान के बाद बुधवार की देर शाम एसपी ने समीक्षा बैठक ली। इसमें पाया गया कि पचास फीसदी से अधिक हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन हो चुका है। एसपी ने बताया कि शिवाला कला, किरतपुर और बढ़ापुर ने सत्यापन में अब तक सबसे बेहतर काम किया है।
इस बार थाना प्रभारियों से सत्यापन कराया जा रहा है। वे क्या व्यवसाय कर रहे हैं, परिरवार में कौन कौन सदस्य हैं आदि अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। सत्यापन के अभियान को तीन दिन और बढ़ाया गया है। लापता हिस्ट्रीशीटर को ट्रेस करने के लिए पुलिस टीम बनाई जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी