- क्षेत्र के खेत सड़कें और तालाब पहले से लबालब, गांवों की ओर दौड़े अधिकारीसंवाद न्यूज एजेंसी
जलीलपुर/चांदपुर (बिजनौर)। यूं तो जलीलपुर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों के वासी एक माह से बाढ़ की मार झेल रहे हैं, मगर गंगा में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की सूचना से ग्रामीणों के होश हो गए। खेत-खलिहान, सड़कें, तालाब एक माह से लबालब हैं, अब इतना पानी कहां समाएगा, यही सोचकर ग्रामीणों को बेचैनी है। एसडीएम रितु रानी ने सुबह से ही गांवों में जाकर हालातों का जायजा लिया।
रविवार को प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों में मुनादी करा गंगा के तटीय इलाकों में रहने वालों को सावधान किया था। ग्रामीणों को गंगा व पानी भरे स्थानों से दूर रहने के लिए कहा गया। एक माह से बाढ़ की मार झेल रहे ग्रामीणों के मुनादी की आवाज ने होश उड़ा दिए। रायपुर खादर के पूर्व प्रधान करतार सिंह ने कहा एक माह से जनजीवन अस्त व्यस्त है और पानी छोड़े जाने की सूचना बहुत दुखद है। कहां समाएगा इतना पानी, सब जगह तो पहले ही पानी से लबालब हैं।
एसडीएम चांदपुर रितु रानी ने बताया गांव नारनौर, मीरापुर सीकरी, सलेमपुर आदि में जाकर ग्रामीणों को समझाया गया है। ग्रामीणों से पानी की तरफ न जाने की अपील की है। सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। ग्रामीणों से बाढ़ चौकी में चलने की अपील की है। ब्लॉक मुख्यालय जलीलपुर में वार्ता के दौरान बताया कि आवश्यकता पड़ने पर पीएसी व एनडीआरएफ की टीम लगाई जाएगी। अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी रितु रानी, खंड विकास अधिकारी ओमवीर सिंह, नायब तहसीलदार, ब्लाॅक प्रमुख पुत्र विनीत लांबा, समाजसेवी वीरेंद्र राजपूत, ग्राम प्रधान आदि ने बाढ़ राहत केंद्र पर पहुंचकर स्थिति पर चर्चा की।