- चेतावनी एक सप्ताह निदान नहीं हुआ, तो करेंगे बड़ा आंदोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गुलदार के हमलों में जिले के अनेक किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। नगीना के तेलीपुरा बृहस्पतिवार को गुलदान के हमले में युवक की मौत की घटना की सूचना पर भाकियू कार्यकर्ता घटना स्थल पर पहुंचे। आरोप है कि सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन वन अधिकारी व कर्मचारी कई घंटे तक नहीं पहुंचे। किसान नेताओं आंदोलन की चेतावनी से प्रशासन भी हरकत में आया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह, मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर, चौधरी राजेंद्र सिंह, ठाकुर रामौतार आदि के साथ अनेक कार्यकर्ता शुक्रवार डीएम से मिले। वार्ता में डीएम ने बताया कि मांग अनुरूप गुलदार को नरभक्षी घोषित किया। कई टीमें गठन की गई। ड्रोन की मदद से गुलदार का पता लगा कर नरभक्षी गुलदार को नष्ट किया जाएगा। किसान नेताओं ने किसानों को शास्त्र लाइसेंस देने की मांग की। जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह ने दो टूक कहा कि अगर गुलदार के मामले में कोई हीलाहवाली हुई तो वन विभाग के अधिकारियों को दफ्तरों में बैठने नहीं दिया जाएगा। बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वार्ता में होशियार सिह, पंडित देवदत्त शर्मा, संजीव कुमार, अवनीश कुमार, सत्यपाल सिंह, विजय पहलवान, तुषार, मुकूल, उपमा चौहान, डा. विजय सिंह, कविराज सिह, कोमन सिह आदि रहे।
घाट तक साथ गई पुलिस
भाकियू के आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरती। भाकियू जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह व मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर मृतक संदीप के शव उठाकर कंधा दिया। शव के साथ बैराज तक पुलिस गई।
वन विभाग करता रहा पिंजरा लगाने के नाटक
भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि गुलदार के हमले से हो रहे लगातार मौत का जिम्मेदार कौन है। जब भी कोई घटना घटी होती है। वन विभाग पिंजरे लगाने बाहर से टीम बुलाने का नाटक करता है। अब और जनहानि बिजनौर जनपद बर्दाश्त नहीं कर सकता। कहा कि वन विभाग के उच्च अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराएं जाने चाहिए।