- चार डीएफओ, वन संरक्षक समेत 50 लोगों की टीम पहुंची
- शुक्रवार रात तक दुधवा पार्क से भी दो हाथियों के पहुंचने की उम्मीद
आंकड़ों पर नजर
- 02 ड्रोन कैमरों की मदद से हो रही गुलदार की तलाश
- 04 चार पिंजरे और पांच ट्रैप कैमरे भी लगाए गए
- 02 चिकित्सकों की टीम ट्रैंक्यूलाइज करने पहुंची
- 20 हथियारबंद वनकर्मी भी गुलदार को मारने के लिए लगाए
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यह दूसरी बार है, जब जिले में किसी गुलदार को नरभक्षी घोषित किया गया है। किसानों का गुस्सा देख वन विभाग हरकत में आ गया है। दो हाथियों के शुक्रवार रात में किसी भी समय तेलीपुरा के जंगल में पहुंचने की उम्मीद है। अब तक 50 से ज्यादा वनकर्मियों की टीम मोर्चा संभाल चुकी है। इनमें 20 हथियारबंद वनकर्मी भी शामिल हैं।
गांव तेलीपुरा में बृहस्पतिवार को गुलदार ने युवक को मार डाला था। इसके बाद हंगामा हुआ तो शुक्रवार को उसे नरभक्षी घोषित कर दिया गया। बिजनौर डीएफओ, दोनों एसडीओ, मुरादाबाद वन संरक्षक, अमरोहा, नजीबाबाद, मुरादाबाद के डीएफओ और कई रेंज के रेंजर अपनी हथियारबंद टीम के साथ तेलीपुरा के जंगलों में पहुंच गए। इनके अलावा डब्ल्यूटीआई के संयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह, गोरखपुर और कानपुर चिड़ियाघर से दो चिकित्सकों की ट्रैंक्यूलाइज टीम, दुधवा के अफसर भी नगीना पहुंच चुके हैं।
शासन की ओर से यूं तो नरभक्षी गुलदार को मारने की अनुमति मिल चुकी है, लेकिन उसकी पहचान करने का काम शुरू कर दिया है। साथ ही उसे पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए हैं। वन अधिकारियों की मानें तो पहचान पुख्ता होने पर यदि वह पकड़ में नहीं आता तो उसे मारने के प्रयास किए जाएंगे।
रात में एक बजे तक जद्दोजहद में लगे रहे अफसर
नगीना। बृहस्पतिवार को गांव तेलीपुरा निवासी जयविंदर सिंह व उनका 20 वर्षीय पुत्र संदीप जलालपुर गांव के पास अपने खेत में चारा काटने गए थे। तभी गुलदार ने संदीप पर हमला कर उसे मार डाला। युवक की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों व भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ग्रामीणों का कहना था कि जब तक वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा गुलदार को नरभक्षी घोषित नहीं किया जाता शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं उठने देंगे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक देहात राम अर्ज, एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी संग्राम सिंह के काफी समझाने के बाद रात्रि करीब एक बजे ग्रामीण शव को पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेजने के लिए राजी हुए तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली थी।
रेल ट्रैक जाम करने की कर दी थी घोषणा
ग्रामीणों ने करीब आठ घंटे तक शव को उठने नहीं दिया। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के उस समय हाथ-पांव फूल गए जब किसान यूनियन के नेताओं ने मांग पूरी नहीं होने पर नगीना रेलवे ट्रैक को जाम करने का ऐलान कर दिया। आनन-फानन में सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों में बैठकर नगीना के लिए चलने लगे। एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जिलाधिकारी से संस्तुति करने का पत्र जारी किया तब ग्रामीण शांत हुए।
लगाए गए पांच पिंजरे और सात ट्रैप कैमरे
गांव तेलीपुरा में गुलदार के हमले में युवक की मौत के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी वन विभाग की तमाम कोशिशें गुलदार को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाईं। हालांकि वन विभाग के आला अधिकारियों ने जिले के अलावा गैर जनपद के वन विभाग के टीम को मौके पर लगा रखा है तथा घटनास्थल के पास पांच पिंजरे, सात ट्रैप कैमरे लगाने के साथ-साथ ड्रोन कैमरे की भी मदद ली, लेकिन गुलदार का कोई अता-पता नहीं चल सका।
बिजनौर के लिए रवाना हुए दो हाथी
क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि वन विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर गांव के खेतों में कांबिंग के लिए दो हाथी दुधवा राष्ट्रीय उद्यान लखीमपुर खीरी से आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमलावर गुलदार को चिह्नित करने के लिए पीलीभीत में मौजूद वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम भी घटनास्थल पर आ रही है।
तीन और जगह गुलदार ने दी दस्तक
भारतीय किसान यूनियन के कोतवाली ब्लॉक अध्यक्ष बलजीत सिंह ने बताया कि हमलावर गुलदार ने युवक को मौत की नींद सुलाने के बाद गांव में तीन बार अलग-अलग जगह दस्तक दी है। उन्होंने बताया कि एक गाय के बछड़े पर भी उसने झपट्टा मारा था। हालांकि शोर मचने के बाद वह भाग निकला।