माध्यमिक विद्यालय खुले, गुरुकुल परंपरा आई नजर
बिजनौर। विद्यालयों में पहले दिन गुरुकुल शिक्षा की परंपरा दिखाई दी। शिक्षक एक दूसरे से हाथ मिलाने की बजाय हाथ जोड़कर अभिवादन करते नजर आए। प्रधानाचार्यों ने शिक्षकों को शासन के निर्देशों की जानकारी दी। साथ ही अभिभावकों को ऑनलाइन पढ़ाई की मोबाइल से वन टू वन जानकारी देना शुरू हुआ। विद्यालयों में पौधारोपण भी किया गया।
जिले के स्कूलों में चार हजार पौधे रोपने का लक्ष्य है। माध्यमिक विद्यालय कोरोना के कारण चार माह बाद खुले हैं। शासनादेशों के अनुसार छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं आए। इस कारण स्कूलों से चहल पहल गायब रही। शिक्षक स्कूल आ रहे थे। परंतु सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। शिक्षकों ने एक दूसरे को हाथ जोड़कर अभिवादन किया। इसके बाद स्टाफ रूम मे एक साथ बैठने के बजाय कमरों में बैठे। जीजीआईसी की प्रधानाचार्य निर्मला शर्मा ने बताया कि हर टीचर अपनी कक्षा के छात्रों के अभिभावकों को ऑनलाइन पढ़ाई की जानकारी दे रहे हैं। अभिभावकों से बच्चों को एंड्रायड फोन उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई 15 जुलाई से शुरू होगी। इसके लिए टाइम टेबल तैयार हो गया है। आठ जुलाई से विभिन्न कक्षाओं में दाखिले शुरू हो रहे हैं। कॉलेज गेट पर ही प्रवेश फार्म वितरण की व्यवस्था रहेगी।
सरदार पटेल हाई स्कूल झालू के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार ने बताया कि कॉलेज की साफ सफाई पूरी है, सैनिटाइजर के इंतजाम कर लिए हैं। कृषक जनता इंटर कॉलेज महमदाबाद के प्रधानाचार्य राजेंद्र शर्मा के अनुसार कॉलेज परिसर मे फलदार व छायादार पौधे रोपे गए। अनिल कुमार, मुकेश कुमार, अमित कुमार, हरपाल सिह, रविंद्र आदि मौजूद रहे। एचएम पब्लिक स्कूल जमालपुर में सत्यवीर सिंह, मुजफ्फर अली, चंद्रभान बाबू, मोनू आदि ने 200 पौधे रोपे।
नहीं होगी प्रवेश परीक्षा, सीधे होंगे दाखिले
बिजनौर। जिले के विद्यालय कक्षा छह की प्रवेश परीक्षा नहीं लेगे। छात्र-छात्राओं के सीधे दाखिले होंगे। जीजीआईसी में बुधवार से दाखिले शुरू होंगे। उधर, अभिभावकों संजीव कुमार, नरेंद्र, आभा रानी आदि का कहना है कि 15 जुलाई से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। परंतु बाजार मे कोर्स की किताब नहीं आई हैं। विक्रेता कुछ दिन बाद किताब आने की बात कह रहे हैं।