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एसडीएम दफ्तर में ताला जड़ा

Tue, 19 Jan 2016 11:58 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में गन्ना रेट में बढ़ोतरी नहीं होने से नाराज किसानों ने एसडीएम कार्यालय में जबरन ताले डाल दिए। धरने पर बैठे भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेता रामकुमार धनकड़ को बेन हैमरेज होने पर उपाचार के लिए मेरठ रेफर किया गया है। एडीएम ने तीन दिन में मांग पूरी कराने का भरोसा दिया।
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इसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ना मूल्य 350 रुपये घोषित करने समेत छह अन्य मांगों को लेकर नौ जनवरी से कलक्ट्रेट में डेरा डाल रखा है। भाकियू के जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामकुमार धनकड़ किसानों के साथ यूनियन के तीन दिवसीय शीतकालीन शिविर में भाग लेने 15 जनवरी को इलाहाबाद गए थे। सरकार ने 18 जनवरी को गन्ने के रेट में कोई परिवर्तन न करके चालू सत्र में पिछला रेट देने का ऐलान कर दिया।

 शिविर में भाग लेकर जिले के यूनियन नेता मंगलवार की सुबह बिजनौर पहुंचे। धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन की अगली रणनीति के निर्णय की जानकारी किसानों को दी। सरकार के किसानों विरोधी रवैये से किसानों में उबाल है। धरनास्थल पर पंचायत हुई। सरकार को जमकर खरी खोटी सुनाई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामकुमार धनकड़ ने कहा कि सरकार किसानों की संयम की परीक्षा न लें।
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इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे किसान नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय और कोर्ट पहुंचे। कोर्ट में ताला डाल दिया। करीब दो बजे एडीएम राममूर्ति मिश्रा तथा एसडीएम सदर अजय तिवारी मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे वार्ता हुई। जिला अध्यक्ष रामअवतार सिंह ने गन्ना डालने की तिथि से 14 दिन के अंदर डाले गए गन्ने का भुगतान एक मुश्त करने, किरतपुर में मोतीचूर चौराहे के पास पालिका द्वारा किसानों के खेतों में डाले जा रहे गंदे पानी को बंद करने, नहरों में पानी छोडे़ जाने, ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे बिजली देने, अफजलगढ में निर्माणाधीन बिजलीघरों का काम शीघ्र पूरा करने की मांग रखी। एडीएम ने तीन दिन में मांग पूरी कराने का भरोसा दिया। किसानों ने एसडीएम कार्यालय और कोर्ट के ताले खोल दिए। कलक्ट्रेट में चल रहा 11 दिन पुराना धरना समाप्त कर दिया।
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