- कैप्सूल में मानक के अनुरूप नहीं पाया गया दवा का साल्ट
- इस साल दो नकली और दो नमूने जांच में निकले फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। दवाइयों का सेवन मरीज अपना मर्ज ठीक करने के लिए करता है। मगर, उसे क्या पता कि जो दवा वह खा रहा है, वह असरदार ही नहीं है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में लगातार दवाइयों के नमूने जांच में फेल और नकली आ रहे हैं। अब स्कोरैब-डीएसआर कैप्सूल जांच में फेल आया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर दवाइयों के नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भेज रही है। इनकी जांच के बाद रिपोर्ट आ रही है। अब स्कोरैब-डीएसआर कैप्सूल का नमूना जांच में फेल आया है। कैप्सूल में रैबिप्राजोल और डोमपेरिडोन दवा का मिश्रण था। कैप्सूल में मानक के अनुरूप दवा का साल्ट नहीं मिला। इसकी वजह से नमूना जांच में फेल पाया गया।
औषधि निरीक्षक ने स्कोरैब-डीएसआर कैप्सूल का नमूना स्योहारा में संचालित भोला फार्मास्युटिकल से लिया था। इस कैप्सूल को स्काउट लाइफसाइंस प्राइवेट लिमिटेड की कंपनी ने बनाया था। इस साल दो नकली और दो नमूने जांच में फेल पाए गए हैं।
दवाइयों के नमूने जांच में मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। अब जो स्कोरैब-डीएसआर कैप्सूल का नमूना फेल आया है। अब मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। दवाई के नमूने लेने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर