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ज्योति बनीं बाल विकास परियोजना अधिकारी

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ज्योति त्यागी। - फोटो : BIJNOR
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स्योहारा की बेटी बनी बाल विकास परियोजना अधिकारी
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स्योहारा। बेटियों को यदि आगे बढ़ाने की कोशिश की जाए तो वे परिवार का नाम रोशन कर देती हैं। कई बेटियों ने अपने हौसलों से बेटों को भी पीछे छोड़ा है। इन नवरात्रों में हम ऐसी ही बेटियों की होनहार बेटियों की कहानी प्रकाशित कर रहे हैं। स्योहारा की बेटी और गांव बगवाड़ा की पुत्रवधू ज्योति त्यागी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर पूरे राज्य में महिला श्रेणी में पहला स्थान पाया है। फरवरी में ज्योति का चयन असिस्टेंट कमिश्नर इंडस्ट्री के पद पर हो चुका है।
गांव महमूदपुर में जन्मी ज्योति ने गांव के ही सरकारी स्कूल से 10वीं तक पढ़ाई करने बाद, 12 की पढ़ाई स्योहारा के बिड़ला कॉलेज से की। धामपुर के एसबीडी कॉलेज से स्नातक करने के बाद एमबीए की पढ़ाई कुरुक्षेत्र यूनिवर्सटी से की। ज्योति की शादी पास के ही गांव बगवाड़ा के अंकित शर्मा से हुई, जो एयरफोर्स में कार्यरत हैं। उसके पिता सुरेंद्र सिंह त्यागी 20 वर्षो से स्योहारा में रह रहे हैं।
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ज्योति का कहना है कि शादी के बाद पति ने मुझे UPPCS की परीक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। शुरू में मुझे यह भी नहीं पता था कि यह परीक्षा क्या होती है, किसलिए होती है,और इसका पैटर्न क्या है। लेकिन मेरे सास ससुर और पति के भरपूर सहयोग और आशीर्वाद के साथ मैंने इस परीक्षा को पास किया। इसके लिए उन्होंने कहीं कोचिंग नहीं ली। पति अंकित शर्मा का कहना है कि ज्योति की मेहनत ही उसे इस मुकाम पर लेकर गई है। ज्योति ने 2017 ओर 2018 में भी परीक्षा पास कर थी लेकिन इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद भी चयन नहीं हो पाया था फिर भी ज्योति ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार तैयारी करती रही। ज्योति के पिता सुरेंद्र सिंह त्यागी का कहना है कि ज्योति शुरू से ही पढ़ने में होशियार थी हालांकि उस समय अंग्रेजी माध्यम स्कूल उपलब्ध नहीं था, फिर भी ज्योति ने इस मुकाम पर पहुंचकर यह साबित कर दिया है कि दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो परिस्थितियां कुछ भी हो, सफलता मिलती ही है।
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