बिजनौर में पिछले कुछ सालों में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ी है। जिले में ही दस साल में रक्तदान करने वालों की संख्या अब करीब दस गुना हो गई है। रक्तदान करने वालों में भी 20 से 40 उम्र तक के रक्तदाताओं की संख्या अधिक है। यानी नौजवान आपात स्थिति में औरों की अनमोल जिंदगी बचाने में सबसे आगे हैं। हालांकि महिलाओं की संख्या अपेक्षा से कम ही है। आने वाले कुछ साल में इसमें भी इजाफे के आसार हैं।
केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों के अलावा विभिन्न संगठनों के माध्यम से रक्तदान के प्रति जागरूकता कार्यक्रमों और अब सोशल साइटों पर इसके प्रचार प्रसार ने स्थिति को पहले से काफी बेहतर किया है। जिला अस्पताल में वर्ष 2015 में 4491 यूनिट रक्तदान किया गया जबकि अब से दस साल पहले वर्ष 2006 में मात्र 517 व्यक्तियों ने ही रक्तदान किया था।
खास बात यह है कि इस वर्ष भी एक जनवरी 2016 से अब तक जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में 1916 यूनिट रक्त आ चुका है। ये आंकड़े भी उत्साह बढ़ाने वाले हैं कि रक्तदाताओं में 83 फीसदी 20 से 40 उम्र के ही है। यानी युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक है। वहीं 40 से लेकर 60 वर्ष तक के पुरुष दस प्रतिशत रक्तदान करते हैं।
जिले की महिलाएं रक्तदान करने में अभी पीछे हैं। रक्तदान करने वालों में महिलाओं की भागीदारी करीब सात प्रतिशत है।
ब्लड़ बैंक के नोडल अधिकारी डा. संजय शंकर का कहना है कि रक्तदान में युवाओं की बढ़ती भागीदारी के पीछे समाज में व्याप्त भ्रांतियों का दूर होना। रक्तदान के प्रति युवा वर्ग जागरूक हुआ है। प्रतिवर्ष आंकड़े बढ़ रहे हैं।