बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश खुश्तर दानिश ने एक छात्रा का अपहरण कर उसकी हत्या करने का दोषी पाते हुए सतपाल उर्फ सत्ते को आजीवन कारावास एवं 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता मुकुल राठौर के अनुसार थाना धामपुर के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री बीएएड की छात्रा है। वह 22 सितंबर 2011 को सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल के लिए गई थी। स्कूल से ढाई बजे वह वापस धामपुर आई। वहां से नहटौर जाने वाली बस में बैठी और अपने घर के बस अड्डे पर उतरकर घर के लिए चली। लेकिन घर नहीं पहुंची। पीड़िता की तलाश की। मगर वह नहीं मिली। 23 सितंबर 2011 को लड़की की गुमशुदगी की तहरीर थाना धामपुर में दी। इसके बाद 27 सितंबर 2011 को पीड़िता की लाश फूल सिंह के खेत में पड़ी मिली। उसका शरीर गल चुका था। सिर के बाल भी गायब थे। तीन अक्तूबर 2011 को सतपाल ने पीड़िता की सलवार एक खेत से बरामद कराई। 22 नवंबर को पीड़ित के बाल भी एक खेत से मिले। पुलिस ने इस मामले में सतपाल उर्फ सत्ते के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने सतपाल उर्फ सत्ते निवासी सेढी को पीड़िता का अपहरण कर उसकी हत्या करने और उसका शव छुपाने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।