किरतपुर। विनीत ने ही गोली मारकर अपने सौतेले भाई की हत्या की थी। पुलिस ने सात नवंबर को हुई इस वारदात खुलासा करते हुए हत्यारोपी विनीत को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया है।
थाना प्रभारी बीएम सिंह के मुताबिक सात नवंबर को मोज्जमपुर रायपुर के जंगलों में एक युवक की गोली लगी लाश मिली थी।
इसकी पहचान थाना मंडावली के ग्राम सैफाबाद निवासी संदीप के रूप में हुई थी। उसके चाचा नरेंद्र सिंह ने थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके मुताबिक उसका पुत्र विनीत और भतीजा संदीप बाइक से बिजनौर दवाई लेने गया था।
उसी दिन दोपहर मौज्जमपुर रायपुर के जंगलों में संदीप की गोली लगी लाश बरामद की गई थी, जबकि विनीत बाइक समेत लापता हो गया था।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले की छानबीन में शुरू की तो विनीत हत्थे चढ़ गया। थाना प्रभारी के मुताबिक पूछताछ में विनीत ने हत्या करना कबूल कर लिया। बताया कि संदीप उसका सौतेला भाई था। संदीप के पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां उनके साथ ही रहने लगी थी।
संदीप बुरी संगत में पड़ कर अपराध करने लगा था। उसके उपर मंडावली और उत्तराखंड थाने में कई मुकदमे दर्ज थे। इसके साथ ही वह मां-बाप और उसे परेशान करने लगा था। उसके ऊपर बहुत कर्ज भी था। इससे परेशान होकर उसने संदीप की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी विनीत से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर उसे जेल भेज दिया।
महिला से मारपीट में छह को सजा
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप जैन ने दलित महिला के साथ मारपीट और उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने वाले छह लोगों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना किरतपुर के गांव मेमन सादात की रहने वाली अमलेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी उसने गांव के विजय और उसके परिजनों को वर्ष 2009 में जमीन खरीदने के लिए 17 हजार रुपये दिए थे। बाकी रुपये लेकर वह जब भी जाती थी तो आरोपी रुपये नहीं लेते थे।
23 मई 2013 को जब उसने बैनामा करने की बात कही, तो पहले तो दिन में 11 बजे विजय और उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। शाम को करीब पांच बजे विजय , उसका भाई यशपाल व लोकेंद्र तथा गांव के ही महेंद्र, सुरेंद्र उर्फ पप्पू और सुरेश लाठी डंडों से लैस होकर उसके घर आए।
उसके घर में तोड़फोड़ की। उसे, उसकी बहन बेबी और महमान देशराज को भी मारा पीटा और जाति सूचक अपमान जनक शब्द कहकर उसे अपमानित किया।
मारपीट में उसके हाथ की हड्डी भी टूट गई थी। एडीजीसी गंगाराम के मुताबिक इस मामले में अदालत ने विजय, उसके भाई यशपाल, लोकेंद्र और महेंद्र, उसके भाई सुरेंद्र उर्फ पप्पू और सुरेश को अमलेश के साथ मारपीट कतरने और उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने के आरोप में तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई।