शासन की ओर से की कई थी वीडियो कांफ्रेंसिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अब पंचायत सचिव फील्ड से नदारद नहीं रह सकेंगे। क्योंकि योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जानने के लिए रोजाना वीडियो कांफ्रेंसिंग शुरू हो गई है। पहले दिन 13 पंचायत सचिव मीटिंग से अनुपस्थित रहे। इन एक-एक दिन का वेतन काटा गया है। जिले के तीन ब्लाॅक में सबसे अधिक पंचायत सचिव अनुपस्थित रहे।
ग्रामीणों को घर बैठे ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पंचायतों में सचिवालय व्यवस्था लागू है। ग्रामीणों को जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र समेत करीब 25 सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश है। शासन को पंचायत सचिवों के गांवों में नहीं जाने, फील्ड से नदारद रहने की शिकायत मिल रही थी। इस पर शासन ने पंचायत सचिवों की रोजाना सुबह 11.45 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग का निर्णय लिया है।
सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार व्यवस्था एक फरवरी से शुरू हो गई है। पहले दिन 13 पंचायत सचिव मीटिंग से अनुपस्थित रहे। सभी का एक एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। कहां विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बताया नहटौर, नूरपुर तथा किरतपुर ब्लाक में तीन-तीन जबकि नजीबाबाद, स्योहारा, धामपुर व कोतवाली ब्लाॅक में एक-एक पंचायत सचिव मीटिंग में नहीं आया।