बिजनौर। जिले में मेडिकल की फर्जी डिग्री लगाकर अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने का भंडाफोड़ हुआ है। चांदपुर और नूरपुर में डॉ. अनुराग झा के नाम से अल्ट्रासाउंड संचालित हो रहा था। डॉ. अनुराग के कागजात सत्यापन में फर्जी पाए गए। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने चांदपुर और नूरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चांदपुर के मोहल्ला काजीजादगान में स्थित शांति बाल चिकित्सालय एंड नर्सिंग होम में डॉ. संदीप चौधरी ने शांति अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए आवेदन किया था। धनौरा के गोलघर मंडी निवासी डॉ. आदित्य ने नूरपुर में नियादरी देवी कन्या इंटर कॉलेज के निकट वरदान अल्ट्रासाउंड सेंटर के आवेदन किया था। इन दोनों अल्ट्रासाउंड सेंटराें के लिए डॉ. अनुराग झा पुत्र हरी कुमार झा निवासी एएन केयर एंड क्योहर हॉस्पिटल धामपुर को प्यारी बिटिया डॉट कॉम पर ऑनलाइन किया था।
चिकित्सकों को अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया। चिकित्सक ने अपनी शैक्षिक योग्यता एमबीबीएस, एमडी, डीएनबी बताई। साथ ही उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल लखनऊ का पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया था।
n पीसीपीएनडीटी द्वारा सलाहकार समिति के निर्देश पर कराया कागजों का सत्यापन : बिजनौर में पीसीपीएनडीटी ने सलाहकार समिति के निर्देश पर डॉ. अनुराग झा के कागजों का सत्यापन कराया। एमबीबीएस की डिग्री संवाई मान सिंह चिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर की थी। सत्यापन के दौरान पता चला कि महाविद्यालय के उपलब्ध रिकॉर्ड में वर्ष 1991 से 1996 के बीच डॉ. अनुराग झा पुत्र हरी कुमार झा नाम का कोई छात्र अध्ययनरत नहीं था। कॉलेज ने यह प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। वहीं, यूपी मेडिकल काउंसिल पंजीकरण भी सत्यापन में फर्जी पाया गया।
इन कागजों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में सब कुछ फर्जी निकला। जिसके बाद पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी ने डॉ. अनुराग झा के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र तैयार करने, स्वास्थ्य विभाग को गुमराह करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई।