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‘गंगोत्री से गंगा सागर तक दिखे गंगा के प्रति सम्मान’

Sun, 16 Sep 2018 12:12 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
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विदुर कुटी पर स्वच्छताग्रहियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा विदुर की धरती को नमन करते हुए गंगा किनारे स्वच्छता संग्राम चलाने वाले स्वच्छताग्रहियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति और हमारी पहचान है। मां गंगा के प्रति सम्मान और समर्पण गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक न केवल दिखना चाहिए बल्कि उसे कष्ट देने की मानसिकता को भी दिमाग से निकालना चाहिए। उन्होंने नमामि गंगे योजना के जिला संयोजक सौरभ सिंघल से करीब तीन मिनट तक बात की। प्रधानमंत्री ने सौरभ सिंघल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी मुहिम का लाभ पूरे हिंदुस्तान को मिल रहा है। स्वच्छताग्रहियों ने गंगा तट पर सफाई अभियान चलाया व पौधरोपण किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 15 सितंबर से ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत सभी को स्वच्छता के लिए श्रमदान करने को प्रेरित किया जा रहा है। पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता प्रहरियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। जिले में विदुर कुटी पर इस कार्यक्रम के आयोजन की व्यवस्था की गई थी। गंगा किनारे स्वच्छता अभियान चलाने वालों को प्रशासन द्वारा वहां लाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमामि गंगे योजना के जिला संयोजक सौरभ सिंघल से करीब तीन मिनट वार्ता की और गंगा किनारे चलाई जा रही मुहिम के लिए शाबाशी दी। वहीं इस दौरान डीएम अटल कुमार राय, सांसद भारतेंद्र सिंह सहित तमाम अधिकारियों व गांव वालों ने विदुर कुटी के पास गंगा किनारे पर स्वच्छता अभियान चलाया। 500 से अधिक स्वच्छताग्रहियों ने श्रमदान किया और पौधे लगाए।  
  प्रधानमंत्री के साथ जुड़ी थी कई हस्तियां:
  जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  नमामि गंगे के  जिला संयोजक  सौरभ  सिंघल  बात की उस समय सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उद्योगपति रतन टाटा जैसी हस्तियां टीवी पर उनके साथ जुड़ी हुई थीं। जिले के स्वच्छताग्रहियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का संदेश उन तक भी पहुंचा है।
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 एक साल से गंगा के तट पर करा रहे हैं आरती  
 नमामि गंगे योजना के जिला संयोजक सौरभ सिंघल ने गंगा किनारे करीब एक साल पहले हरिद्वार की तर्ज पर आरती कराना शुरू किया था। अब हर रोज गंगा तट पर आरती होती है। समय समय पर गंगा तट पर प्रशासनिक अधिकारी व जिलेवासी महाआरती करते हैं। वहां हजारों की संख्या में दीप जलाए जाते हैं। समाजसेवी सौरभ सिंघल की गंगा के तट  पर कई बार सफाई अभियान  चला चुके हैं।  
स्वच्छता की दिलाई शपथ  
विदुर कुटी पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। विदुर कुटी को सजाने के लिए दीवारों पर पेंटिंग कराई गई थी।
 बड़ी तादाद में बड़ों के साथ बच्चे भी वहां मौजूद रहे। अफसरों की टीम  भी मौजूद रही।

ऐसे हुआ सौरभ सिंघल से संवाद
 प्रधानमंत्री: मां गंगा के किनारे पर काम करने वाले स्वच्छताग्रहियों से भी बात करेंगे। बिजनौर से हमारे स्वच्छताग्रही हमारे साथ जुड़ रहे हैं। आइए उनसे बात करते हैं।
 सौरभ सिंघल: मां गंगा के पावन तट से महात्मा विदुर की धरती से मैं सौरभ सिंघल अपने स्वच्छता ग्रही साथियों के साथ यशस्वी प्रधानमंत्री जी आपको प्रणाम करता हूं। प्रधानमंत्री जी जबसे आपने हमें स्वच्छता की प्रेरणा दी है, हम लोग गंदगी हटाने के काम में जुट गए हैं। आपने स्वच्छता को सेवा का रूप दे दिया है। आज आपके सेवा के रूप को युवाओं ने जनआंदोलन बना दिया है। यह सब आपकी ही प्रेरणा है माननीय प्रधानमंत्री जी। आज हम युवा कहीं गंदगी देखते हैं तो पहले उसे उठाते हैं उसके बाद दूसरा काम करते हैं। आपने स्वच्छता की प्रेरणा बापू जी से ली और हम युवा आपसे प्रेरणा ले रहे हैं। इसी प्रेरणा के साथ हम लोग स्वच्छता का काम कर रहे हैं। प्रेरणा के अनुसार ही स्वच्छता कार्यक्रम कर रहे हैं। हमारा जिला आज ओडीएफ हो चुका है। माताओं को सम्मान, बहनों को सम्मान और सभी बच्चे संक्रामक रोगों से बचे पड़े हैं। गरीबों का पैसा भी बच रहा है। आपका बहुत बहुत धन्यवाद प्रधानमंत्री जी। आज जो ऊर्जा बनी है, हम बता नहीं सकते हैं। आपने हमारे स्वच्छताग्रहियों में गंगा स्वच्छता मंच के लोगों में भरपूर ऊर्जा भर दी है।  
प्रधानमंत्री: सौरभ जी आपको, आपकी टीम को और महात्मा विदुर की धरती को मैं बहुत बहुत नमन करता हूं। आपने मां गंगा की सच्ची सेवा की है और जो पुण्य आप कर रहे हैं, उसका लाभ सिर्फ बिजनौर या विदुर की धरती को नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान को मिल रहा है। गंगा किनारे बसे गांवों में खुले में शौच से मुक्ति मां गंगा की निर्मलता के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव है। गंगा हमारी विरासत है, संस्कृति है, पहचान है। मां गंगे के प्रति समर्पण और सम्मान गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक न सिर्फ दिखना चाहिए बल्कि उसे कष्ट देने की मानसिकता को भी दिमाग से निकालना चाहिए। मैं गंगा तट पर बसे हर भाई-बहन से आग्रह करता हूं कि आप सभी इस स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के दौरान मिलकर गंगा सफाई के लिए श्रमदान कर सकते हैं। मैं जानता हूं कि बिजनौर के स्वच्छता ग्रहियों की तरह ही अनेक भाई-बहन वर्षों से इस सेवा में जुटे हैं। गंगा की निर्मलता व अविरलता को बनाए रखने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। सरकार स्थायी समाधान में जुटी हुई है। बहुत जल्द इन प्रयासों के सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे।
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