इस दंपति को डायल 100 पर तैनात पुलिकर्मियों ने बचाया।
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बिजनौर में मुफलिसी से तंग आकर दंपति ने गंगा बैराज में छलांग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गंगा से बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। दोनों को पुलिसकर्मियों ने जिला अस्पताल में उपचार दिलाने के बाद अपने साथ बिजनौर ले आए और उन्हें कपड़े दिलाकर उनकी इच्छानुसार वृद्ध आश्रम छोड़ दिया।
किरतपुर के मोहल्ला आंबेडकर नगर निवासी राजेंद्र के मकान में अखिलेश और उसकी पत्नी रुचि किराए पर रहते थे। पीड़ितों के मुताबिक उनके पास न तो रहने के लिए घर है और न ही खाने के लिए रोटी। इसके बावजूद मकान मालिक पिछले कई दिनों से उनसे कमरा खाली करने का दबाव बना रहा है। इससे आहत होकर अखिलेश और रुचि मंगलवार शाम अपनी जीवन लीला समाप्त करने के इरादे से बैराज गंगा घाट पर पहुंचकर गंगा में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद राजकुमार नामक व्यक्ति ने शीघ्र ही डायल-100 को फोन कर सूचना दी। डायल-100 गाड़ी नंबर 2403 की प्रभारी बबीता सक्सेना, चालक मुदित शर्मा एवं सिपाही विपिन तोमर मौके पर पहुंचे और दोनों को गंगा से बाहर निकाला। तीनों पुलिसकर्मियों ने अपने निजी खर्च पर पति-पत्नी को कपड़े दिलाए और गाड़ी में बैठाकर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले आए। वहां के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद पति-पत्नी की छुट्टी कर दी। पुलिसकर्मियों ने उनकी इच्छानुसार उन्हें एक वृद्ध आश्रम में छोड़ दिया।
पीड़ितों के मुताबिक अखिलेश पिछले काफी दिनों से किसी बीमारी से पीड़ित है। इस कारण वह कुछ काम करने में सक्षम नहीं है। दंपति की एक बेटी है, उसकी शादी हो चुकी है। फिलहाल उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इस मामले में डायल-100 प्रभारी बबीता सक्सेना का कहना है कि दंपति ने अपनी बेटी के पास भी जाने से इंकार कर दिया और वृद्ध आश्रम जाने की इच्छा जताई।