बिजनौर में सहारनपुर के गांव शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के विरोध में 30 मई को बिजनौर के प्रदर्शनी मैदान में महापंचायत का एलान करके भड़काऊ पर्चे बांटने के मामले में आभास महासंघ व अखिल भारतीय गुरु रविदास मानव सुरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत तमाम पदाधिकारियों के खिलाफ संगीन धाराओं में शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज होने से का पता चलते ही तमाम पदाधिकारी भूमिगत हो गए है।
सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गांव में बसपा सुप्रीमो मायावती की सभा के बाद हुई जातीय हिंसा के विरोध में 30 मई को महापंचायत का एलान कर प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। आरोप है कि इसके बाद भी इन संगठनों ने भड़काऊ पर्चे बांटे और महापंचायत करने पर अड़े हैं।
आला अफसरों के आदेश पर रविवार को शहर कोतवाली में आभास महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह, उपाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, चांदपुर के मोहल्ला सरायरफी निवासी राष्ट्रीय सचिव अरविंद कुमार ,चांदपुर के मोहल्ला पतियापाड़ा निवासी प्रदेश महासचिव जगत सिंह, बिजनौर क्षेत्र के गांव सालमाबाद निवासी जिलाध्यक्ष आदेश कुमार नागवंशी, बिजनौर के गांव स्वाहेड़ी निवासी संगठन के गुप्तचर विभाग के अध्यक्ष आशु कुमार, जिला सचिव गामेंद्र सिंह, कार्यालय अध्यक्ष हितेश कुमार, दल के बिजनौर के दारानगर गंज विदुर कुटी निवासी महात्मा सोहनदास, अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
शहर कोतवाली में कोतवाल प्रेमवीर राणा की ओर से बिना अनुमति के पंचायत के लिए भड़काऊ पर्चे बंटवाकर विभिन्न जातीय व समूह के बीच शत्रुता, घृणा, वैमनस्य की भावना उत्पन्न करने के मामले में संगीन धाराओं में रिपेार्ट दर्ज कराई गई हैं। महांसघ का कार्यालय दिल्ली के तिमारपुर थाना क्षेत्र के वजीराबाद में है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस नामजद पदाधिकारियों की तलाश में है। शहर कोतवाल प्रेमवीर राणा के मुताबिक, आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे।