मुक्तिगाथा में आजादी की संघर्ष यात्रा का बखान कर शहीदों को किया याद
बिजनौर। मुक्तिगाथा में आजादी के संघर्ष की यात्रा का बखान करते हुए शहीदों को याद किया। डाक्यूमेंट्री और कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने क्रांतिकारियों की याद दिला दी। पद्मश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी और उनकी टीम की शानदार प्रस्तुति से दर्शक रोमांच से भर उठे। इस मौके अमर उजाला की ओर से भी खिलाड़ियों और पदमश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी को सम्मानित किया।
बुधवार को शाम आठ बजे नेहरू स्टेडियम में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत नगर पालिका की ओर से एक शाम खिलाड़ियों केे नाम कार्यक्रम के मौके पर मुक्तिगाथा का आयोजन हुआ। जिसमें अंग्रेजों की ओर से प्रतिबंधित गीतों के माध्यम से स्वाधीनता के संघर्ष की गाथा का बखान पद्मश्री एक लोक गायिका मालिनी अवस्थी और उनकी टीम ने किया। कार्यक्रम संयोजक वरिष्ठ पत्रकार सूर्यमणि रघुवंशी ने संचालन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्यमंत्री गुलाब देवी, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, सदर विधायक सुचि चौधरी, भाजपा नेता मौसम चौधरी, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी दिनेश सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मोहंडिया गांव के रहने वाले राहुल चौधरी की डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। इस डॉक्यूमेंट्री में जिले के पौराणिक इतिहास को दर्शाया गया। इसके बाद भव्य मंच पर नाट्यकला, गायन, नृत्य, संगीत और ग्राफिक्स के संगम ने समां बांध दिया।
लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने आल्हा शैली में क्रांतिकारी मंगल पांडेय की गाथा से गायन की शुरुआत की। मंच का अद्भुत नजारा देख दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। रंग दे बसंती चोला गीत सुनाया तो दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। कार्यक्रम में शहीदों को फांसी दिए जाने का भी प्रस्तुतीकरण हुआ। सिर्फ इतना नहीं बल्कि क्रांतिकाल की महत्वपूर्ण घटनाओं जैसे काकोरी कांड, चौरा चौरी कांड, एसेंबली में बम फेंकना आदि का भी शानदार तरीके से वर्णन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा की क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर ने की।
छत्रपति शिवाजी से लेकर क्रांतिकारियों की गाथाओं का हुआ मंचन
मुक्तिगाथा में अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारतीयों की ओर से सम्राट घोषित किए जाने के वक्त उनके दरबार में मनाई जाने वाली होली के वृत्तांत का प्रस्तुतीकरण प्रभावी रहा। रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका का भी कलाकारों ने जीवंत अभिनय किया। वहीं मालिनी अवस्थी ने छत्रपति शिवाजी से लेकर क्रांतिकारियों की गाथा का वर्णन किया। इसके अलावा शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि के बलिदान की गाथा को प्रस्तुत किया गया। साथ ही दामोदर चाफेकर और उनके दो भाइयों को फांसी दिए जाने के बाद उनकी मां के उद्गार की प्रस्तुति दी गई। महात्मा गांधी की दांडी यात्रा और विदेशी वस्त्रों की होली जलाने के प्रसंग की भी प्रस्तुति दी गई। साथ ही बिजनौर की विभूतियों के विषय में भी जानकारी दी गई। वंदे मातरम गान और तिरंगा लहराने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक और पुलिस अफसरों के साथ साथ पार्टी के तमाम पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जिनमें भाजपा नेता सीपी सिंह, भाजपा नेता विकास राजपूत, किरतपुर ब्लॉक प्रमुख अंकित चौधरी, बूढ़नपुर ब्लॉक प्रमुख उज्जवल चौहान, कृष्णा कॉलेज के प्रबंधक पवन राजपूत, जिला उपाध्यक्ष अरविंद गहलौत, भूपेंद्र सिंह चेयरमैन, हल्दौर ब्लॉक प्रमुख बिजेंद्र सिंह, हर्षवर्धन सिंह, राहुल चौधरी, दीपक गर्ग मोनू, केडी देशवाल, रवि चौधरी, डॉ. नवनेश कोठारी और डॉ. प्रकाश आदि मौजूद रहे।
अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमके खिलाड़ियों को किया सम्मानित
बिजनौर। अंतर राष्ट्रीय फलक पर चमक रहे खिलाड़ियों को अमर उजाला और नगर पालिका की ओर से सम्मानित किया गया। जिले का नाम रोशन करने वाले इन खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर मान बढ़ाया।
नेहरू स्टेडियम में आयोजित मुक्ति गाथा के बाद एक शाम खिलाड़ियों के नाम कार्यक्रम में अमर उजाला की ओर खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। प्रदेश सरकार के तीनों मंत्रियों, सदर विधायक सुचि चौधरी और भाजपा नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी ने खिलाड़ियों को शॉल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। जिले के कबड्डी स्टार राहुल चौधरी, स्क्वैश खिलाड़ी रवि दीक्षित और कुश कुमार को सम्मानित किया गया। रहमापुर के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय वॉलीबाल खिलाड़ी लवी कुमार, शूटिंग में नाम रोशन करने वाली ख्याति चौधरी, स्केटिंग में गौरव बढ़ाने वाली वैष्णवी शर्मा, खो खो स्टार धीरज कुमार, कुश्ती खिलाड़ी श्रद्धा चौधरी को भी सम्मानित किया गया। वहीं हॉकी खिलाड़ी अक्शा मुशब्बर का सम्मान उनके पिता मुशब्बर हुसैन को दिया गया। कार्यक्रम में क्रिकेट खिलाडी मेघना सिंह, बॉक्सिंग में नाम कमाने वाली मुस्कान, वेट लिफ्टर जसवंत सिंह व हिमांशू तथा ताइक्वांडों खिलाड़ी अभिषेक को भी सम्मानित किया जाना था, लेकिन किसी कारण से ये समारोह में नहीं पहुंच सके।
बिजनौर में नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम मुक्तिगाथ में सांस्कृतिक प्रस्तुति देती लोकगाय- फोटो : BIJNOR
बिजनौर में नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम मुक्तिगाथ में सांस्कृतिक प्रस्तुति देती लोकगाय- फोटो : BIJNOR