अफजलगढ़ के सलावतनगर में अमला नदी में पटाखा फैक्टी से बचा अवशेष बहाते फैक्ट्री कर्मचारी।
- फोटो : BIJNOR
नदी में बहा रहे पटाखा फैक्टरी से निकले अवशेष
अफजलगढ़। पटाखा फैक्टरी से बारूद के अवशेष अमला नदी में बहाकर पानी को दूषित किया जा रहा है। सलावत नगर में पटाखा बनाने की एक फैक्टरी संचालित है। आरोप है कि फैक्टरी के कर्मचारी बारूद के बचे अवशेष को समीप ही बह रही अमला नदी में बहा देते हैं।
यह एक बार का वाकया नहीं है, बल्कि रोजाना ही कर्मियों को यहां बारूद के बचे अवशेष बहाते देखा जा सकता है। इससे अमला नदी का पानी दूषित हो रहा है। इसी नदी का पानी पालतू पशु पीते हैं। आगे चलकर यह पानी कुछ जंगली पशु भी पीते हैं। यह नदी आगे जाकर रामगंगा नदी में मिल जाती है। बारूद मिश्रित दूषित पानी पीने से पशुओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। यदि अधिकारियों की ओर से इस संबंध कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। पशु चिकित्सक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस तरह का दूषित पानी पशुओं के लिए हानिकारक है और यह पानी पीने से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण विभाग को अवगत कराया जाएगा। एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि ऐसा है तो आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।