बिजनौर में सोमवार की शाम को बादल छाने से दिन में ही राहगीरों को जलानी पड़ी वाहनों की लाइट।
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बिजनौर में सोमवार को हुई झमाझम बारिश फसलों के लिए सोना है। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। तापमान में करीब पांच डिग्री की गिरावट होने से मौसम भी खुशगवार हो गया है। सोमवार को 20 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, आंधी से कई जगह लाइन व खंभे टूटने से विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
कई दिनों से सूरज आग उगल रहा था। शरीर को जलाने वाली गर्मी से लोग परेशान थे। सोमवार की तड़के करीब तीन चार बजे अचानक तेज आंधी के साथ बारिश हुई। शीतल बयार से लोगों को राहत मिली। शाम को करीब चार बजे फिर से आसमान में काले बादलों से दिन में अंधेरा छा गया और झमाझम बारिश हुई।
आंधी ने जलीलपुर, हल्दौर ,खासपुरा कुंडा ,क्षेत्र में कई जगह बिजली व्यवस्था को चौपट कर दिया। हाईवे तथा ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह तार टूट गए। जलीलपुर क्षेत्र के दतियाना, खानपुर, सब्दलपुर, चौधेडी, सुल्तानपुर, धींवरपुरा आदि करीब पचास गांवों में जगह-जगह बिजली के खंभे गिर गए। पूरे इलाके में दिन में ही अंधेरा छाया रहा।
खासपुरा उमरी नांगल जट क्षेत्र में भी कई जगह तार टूटकर गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। एक दर्जन से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। मंडावर क्षेत्र में बिजली के खंभे टूट गए। शाम करीब चार बजे दोबारा आंधी आने से लाइन ठीक करने का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ।
बिजनौर शहर में कई जगह बिजली के तार टूटकर गिर गए। वहीं धान की नर्सरी के लिए बारिश वरदान साबित हुई है। बारिश में ही किसान नर्सरी लगाने में जुट गए। कृषि विभाग को धान का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य पूरा होने के आसार दिखाई देने लगे हैं।