श्रम विभाग में होगा बाहर से आए मजदूरों का पंजीकरण
बिजनौर। जिले में बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। इसके लिए पहले श्रमिकों को मनरेगा में 90 दिन काम करना होगा। मनरेगा का प्रमाण पत्र देने के बाद ही इन श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीकरण मिलेगा। पंजीकरण के बाद मजदूरों को विभाग की एक दर्जन से ज्यादा योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
लॉकडाउन में बाहर काम कर रहे मजदूरों को अपने जमे जमाए काम छोड़कर घर वापसी के लिए मजबूर होना पड़ा है। अब बाहर फिर से जाकर काम शुरू करना आसान नहीं है। जिले में 17 हजार से ज्यादा श्रमिक बाहर के जिलों और राज्यों से लौटे हैं। इन मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। 17 हजार से ज्यादा मजदूरों का मनरेगा में पंजीकरण किया गया है। बाहर से आने वाले मजदूर श्रम विभाग में पंजीकरण करा सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें पहले मनरेगा में 90 दिन काम करना होगा। 90 दिन काम करना श्रम विभाग में पंजीकरण कराने के लिए अनिवार्य है। इसके बाद उन्हें श्रम विभाग की सरकारी योजनाओं को लाभ दिया जाएगा।
- ये हैं योजनाएं
श्रम विभाग में मजदूरों के बच्चों का जन्म होने पर आर्थिक सहायता मिलती है। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, बेटी की शादी में अनुदान, यहां तक कि श्रमिक के लिए पेंशन की भी योजना है। श्रमिक को चोट लगने या उसकी मौत पर आर्थिक मदद भी मिलती है।
- दिलाएंगे योजनाओं का लाभ
सहायक श्रमायुक्त प्रदीप कुमार के अनुसार जिले में आए श्रमिकों का मनरेगा में 90 दिन काम करने के बाद विभाग में पंजीकरण होगा। सभी पात्रों को विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।