गंगा की धारा पास लाने की भी है योजना
विदुर कुटी पर सिर्फ जैव विविधता पार्क ही विकसित नहीं किया जाएगा, बल्कि गंगा की धारा को भी पास लाने की योजना है। इसके लिए भी सिंचाई विभाग की टीम सर्वे कर चुकी है। दरअसल, दशकों पहले गंगा की धारा विदुरकुटी के पास से होकर बहती थी, लेकिन समय के साथ दूर होती चली गई। अब फिर से विदुरकुटी के पास गंगा की धारा को लाने की योजना पर काम चल रहा है।
सात करोड़ रुपये की आएगी लागत
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि विदुरकुटी के पास जैव विविधता उद्यान बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना पर सात करोड़ की लागत आएगी। गंगा नदी से आठ सौ मीटर की दूरी पर यह पार्क बनाया जाना है। यह कई जोन में विभाजित होगा, एक जोन में हर्बल पार्क बनाएंगे।
ऐतिहासिक महत्व है विदुर कुटी का
विदुर कुटी का ऐतिहासिक महत्व है। महाभारत का युद्ध शुरू होने से पहले महात्मा विदुर ने संन्यास लेकर गंगा किनारे अपना आश्रम बना लिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने दुर्योधन के 56 भोग त्यागकर महात्मा विदुर की कुटिया में जाकर बथुए का साग खाया था। यहां पर बथुआ आज भी 12 महीने मिलता है। साथ ही श्रीकृष्ण की चरण पादुकाएं आज भी रखी हैं।
बनेंगे सेल्फी प्वाइंट
बायोडायवर्सिटी पार्क में औषधीय गुण वाले पौधे, फलदार, छायादार पौधे आदि लगाए जाएंगे। पौधों के आगे बोर्ड पर उनकी विशेषताएं भी लिखी होंगी। पार्क में जगह-जगह पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। पार्क को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि शहरवासी यहां पर परिवार के साथ पिकनिक मनाने आएं।