- चुनाव में विद्रोह करने वालों की हो रही गोपनीय सूची तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। निकाय चुनाव में भाजपा में गुटबंदी इतनी उभरी की कुछ ने चुपके चुपके विद्रोह कर दिया था। चुनाव में विद्रोह करने वालों पर कार्रवाई हो और उनकी सूची भी चुपके से तैयार हो रही है। सोशल मीडिया पर विद्रोह करने वालों का परिहास कर रहे हैं। समर्थक एक दूसरे पर चुटकुले से हमला कर रहे हैं।
इस बार निकाय चुनाव में भाजपा व सपा में टिकट वितरण के बाद गुटबंदी उभरी थी। शीर्ष नेताओं ने गुटबंदी को पाटने का प्रयास किया। लेकिन निकाय चुनाव के आए परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा में विद्रोहियों की संख्या ज्यादा रही। सत्ताधारी पार्टी ने जनपद में 18 में से बिजनौर, झालू, नूरपुर सीट भाजपा को मिली। बाकी सीटें पार्टी में गुटबंदी व विद्रोह के चलते भाजपा के हाथों से निकल गई। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने विद्रोह करने वालों पर कार्रवाई करने की घोषणा की।
उसके बाद से जनपद में तेजी से विद्रोह को चिह्नित करने का कार्य चल रहा है। इनके समर्थक सोशल मीडिया पर एक दूसरे पर वार कर रहे हैं। प्रत्याशियों के पक्षधरों को चुनावी योद्धा बताया जा रहा है, तो गुटबंदी कर पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को विद्रोही, जयचंद तक की संज्ञा दी जा रही है। सोशल मीडिया पर खींच रही रार पर अभी नेता शांत है।
ये हालात रहे, तो लोकसभा चुनाव में क्या होगा
राजनीतिक पार्टी के नेताओं का कहना है कि निकाय चुनाव में बड़े स्तर पर विद्रोह हुआ है, तो लोकसभा चुनाव भी नजदीक हैं। ऐसे ही हालात रहे तो लोकसभा चुनाव में पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचेगा। पार्टी के शीर्ष बड़े पदाधिकारी चुनाव में विद्रोह करने वाले एवं निष्क्रिय पदाधिकारियों को लेकर गंभीर है।