रैपिड एंटीजन टेस्टिंग ने तोड़ी कोरोना की कमर
बिजनौर। कोविड-19 की जांच के लिए रैपिड एंटीजन किट से शुरू की गई जांच से कोरोना की कड़ी तोड़ने में कारगर साबित हुई है। अफसरों की मानें तो कोविड-19 का प्रसार तेजी से घटा है। इस जांच में इक्का-दुक्का मरीज ही सामने आ रहे हैं, लेकिन ऐसा कोई दिन नहीं बीत रहा, जिस दिन कोरोना संक्रमित कोई मरीज न मिल रहा हो। इनमें भी ज्यादातर मरीज बिना लक्षण वाले हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक काफी अच्छी है। इससे पहले जांच रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन लग जाते थे। इस कारण संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी।
जिले में एक ओर जहां प्रतिदिन कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ जांच का दायरा भी बढ़ा है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव के मुताबिक वर्तमान में जिला अस्पताल में ट्रू नॉट मशीन से और जिले के सभी 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड-19 की जांच की जा रही है। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर स्थित निजी स्तर पर भी लाल पैथोलॉजी लैब पर भी कोविड-19 की जांच की जाती है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में यह जांच मुफ्त में की जाती है, जबकि लाल पैथोलॉजी लैब पर कोविड जांच 2400 रुपये में होती है।
उन्होंने बताया कि अब तक कोविड-19 की जांच के लिए प्रतिदिन जिले के सभी 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच शिविर लगाए जाते हैं। इन पर पिछले एक सप्ताह से रोजाना लगभग एक से डेढ़ हजार के बीच जांच होती हैं। इससे नोएडा की प्रयोगशाला का कार्य भार काफी कम हुआ है और परिणाम आने में भी समय की काफी बचत हो रही है। केस का परिणाम जल्दी आने से करोना पीड़ित के परिवारजन संक्रमित नहीं हो पाते। पिछले 15 दिनों में आयोजित जांच शिविरों में लगभग साढ़े चार हजार लोगों की जांच की गई। अब तक की जांच में करीब 80 लोग ही कोरोना संक्रमित मिले हैं। सीएमओ ने बताया कि इनमें से ज्यादातर मरीज बिना लक्षण वाले हैं, जिन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।