- पिंजरों में खुला मांस और 24 घंटे बांधी जा रही बकरी
- रेहड़ में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से मंगाए गए दो हाथी
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। अब रेहड़ में भी नरभक्षी हुए गुलदार की तलाश हाथियों से कराई जाएगी। इसके लिए वन विभाग ने कार्बेट पार्क से दो हाथी मांगे हैं, जो सोमवार रात तक पहुंच जाएंगे। मंगलवार से कार्बेट पार्क से आ रही हथिनी रानी और तुंगा के सहारे गुलदार की तलाश शुरू करा दी जाएगी। उधर, लगाए गए चार पिंजरों में खुला मांस और बकरी भी 24 घंटे बांधी जा रही है। ताकि गुलदार को फंसाया जा सके।
वन विभाग के लिए नरभक्षी गुलदार मुसीबत बन गए हैं। 27 जुलाई को जहां नगीना के पास तेलीपुरा में गुलदार ने एक युवक की जान ले ली थी, इसके बाद दूसरे गुलदार ने रेहड़ के पास गांव भटपुरा में युवती को मार डाला। ऐसे में वन विभाग की टीम अब दो जगह बंट गई है। एक टीम नगीना में दुधवा से आई दो हथिनी की मदद से गश्त करा रही है, वहीं अब कार्बेट पार्क से भी दो हाथी रेहड़ पहुंच जाएंगे। मंगलवार से रेहड़ में भी गश्त शुरू करा दी जाएगी। दो हाथी पहले से ही नगीना क्षेत्र के तेलीपुरा में गुलदार की तलाश करर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर दो हाथी रेहड़ के जंगलों में मंगलवार से अपना सर्च अभियान चलाएंगे। इनके साथ वन विभाग और बाहर से आई विशेषज्ञों की टीम भी गुलदार के पगचिह्न तलाश रही है।
वन विभाग ने अब पिंजरों में भी रणनीति बदली है। रेहड़ और नगीना क्षेत्र में जो पिंजरे लगाए हैं, उनमें अब बकरी बांधने के साथ ही खुला मांस भी रखा जा रहा है। इसके अलावा गुलदार ने जंगल में जिन जानवरों को मारा है, उनका मांस भी पिंजरे में रख दिया है। ताकि वह उसका पीछा करते हुए पिंजरे में कैद हो जाए। (संवाद)
- कोट
कार्बेट पार्क से दो हाथी मांगे गए हैं, जो रेहड़ में हमलावर गुलदार की तलाश करेंगे। मंगलवार से सर्च अभियान शुरू कराया जाएगा। पिंजरे लगाए गए हैं और ट्रैप कैमरों से भी गुलदार की निगरानी कराई जा रही है - ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग
नगीना में चार जगह मिले पगचिह्न, सभी अलग
नगीना में वन विभाग को सर्च अभियान के दौरान चार अलग-अलग जगहों से पगचिह्न मिले हैं। चारों ही जगहों पर पगचिह्न अलग-अलग मिले हैं। तेलीपुरा में जहां युवक को गुलदार ने मारा था, वहां पर कोई पगचिह्न नहीं दिखाई दिए थे। ऐसे में टीम के सामने नरभक्षी गुलदार की पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रही है।
रेहड़ के डेलावाल में ट्रैप कैमरे में कैद हुई गुलदार की तस्वीर
वन विभाग ने रेहड़ में अगल-अलग जगहों पर ट्रैप कैमरे लगवाए हैं। इनमें से डेलावाल गांव के पास लगे ट्रैप कैमरे में एक गुलदार की तस्वीर कैद हो गई। इस क्षेत्र में पहले भी ट्रैप कैमरे में गुलदार की तस्वीरें कैद हुई थीं, उनसे इसका मिलान किया जा रहा है। साथ ही विशेषज्ञों की मदद से इसका आकलन किया जा रहा है कि कहीं यह वही हमलावर गुलदार तो नहीं, जिसने युवती की जान ली थी।
बना रहे मचान, गुलदार के आने की संभावना
रेहड़ में घटना स्थल के पास ही एक जगह पर गुलदार के फिर से आने की प्रबल संभावना जताई गई। विशेषज्ञों ने पूरी जांच पड़ताल के बाद वहां मचान बनाने का निर्णय लिया। उस पर सोमवार की रात में ही मचान पर ट्रैक्यूलाइज टीम के चिकित्सक को तैनात किया जा रहा है। ताकि गुलदार आए तो उसे ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ा जा सके।
मादा और नर गुलदार का यूरिन पिंजरों के पास डालेंगे
अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि तेलीपुरा और भटपुरा में जिन गुलदार ने युवक और युवती की जान ली है, वह नर है या मादा। केवल रेहड़ में नर गुलदार होने की संभावना मात्र है, लेकिन इसके लिए अभी जांच पड़ताल चल रही है। ऐसे में वन विभाग ने बाहर से नर और मादा गुलदार का यूरिन मंगाया है। मंगलवार को वन विभाग पिंजरों और मचाने के पास यह यूरिन डालेगा। ताकि हमलावर गुलदार उससे आकर्षित होकर वहां पहुंच जाए।