रेहड़ के गांव भटपुरा में गुलदार के हमले में मरने वाली यवुती के गमजदा परिजन।
- गुलदार ने दांत मारकर तोड़ी दी थी युवती की गर्दन
- युवती के सिर और चेहरे पर मिले गुलदार के पंजों के निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। रेहड़ के गांव भटपुरा निवासी जमुना को गुलदार ने हमला कर मार दिया था। जमुना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि गुलदार के पहले झपटे ने ही युवती की जान ले ली थी। युवती के चेहरे पर भी गुलदार के पंजों के निशान भी मिले हैं।
रविवार को रेहड़ के गांव भटपुरा निवासी 22 वर्षीय जमुना अपने पिता शमशेर सिंह और भाई जोगेंद्र के साथ खेत में चारा काटने गई थी। चारा काटते समय गुलदार ने जुमना पर झपटा मारा और उसे गन्ने के खेत में खींच कर ले गया। शोर सुनकर गुलदार जुमना को छोड़कर भाग गया। सोमवार को जमुना का पोस्टमार्टम हुआ। जिसकी रिपोर्ट में जमुना की मौत शॉक एंड हेमरेज होने से पाई गई है। सबसे पहले गुलदार ने युवती पर पहले पंजों से हमला किया। बाद में गर्दन पर हमला कर किया। गर्दन पर गुलदार के दांतों के निशान मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक गुलदार के गर्दन पकड़ते ही युवती की मौत हो गई थी। क्योंकि श्वासनली पूरी तरह से टूट गई। इसके अलावा गर्दन की सभी नसें भी क्षतिग्रस्त हो गई है। युवती के चेहरे और सिर पर गुलदार के पंजों के निशान मिले हैं। 27 जुलाई को नगीना क्षेत्र के गांव तेलीपुर निवासी 20 वर्षीय संदीप को गुलदार ने मार दिया था। गुलदार युवक का दिल, फेफड़े, लीवर सहित करीब पांच किलो मांस खा गया था। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम में हुई थी।
गमगीन माहौल में हुआ जमुना का अंतिम संस्काररेहड़। गुलदार के बढ़ते हमलों व मौतों से ग्रामीण खौफजदा है। गुलदार को पकड़ने की वन विभाग की कवायद बेकार साबित हो रही है। रविवार को गुलदार के हमले में मारी गई युवती का शव पोस्टमार्टम से लौटने के बाद भूतपुरी रामगंगा घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। सात माह में रविवार को भटपुरा निवासी जमुना (22) की 12वीं मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। जिस घर में दो माह बाद शादी की शहनाई बजनी थी, उस घर में मातम पसर गया। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्हें ग्रामीणों व किसान यूनियन का भारी विरोध झेलना पड़ा। भाकियू टिकैत के जिला अध्यक्ष सोनू चौधरी ने बताया कि संगठन ने चेतावनी दी है कि सात दिनों में मुआवजा मिलने तथा सोमवार शाम तक गुलदार को ट्रैंक्यूलाइज करने अथवा नष्ट करने के लिए टीमें नहीं भेजीं तो आंदोलन किया जाएगा। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि कैमरा ट्रैप, पिंजरे आदि लगाए जा रहे हैं, कानपुर चिड़ियाघर से डाॅ. नासिर आए हैं जो गुलदार को पकड़ने में विभाग की मदद करेंगे। प्यारेलाल सिंह का कहना है कि ने गुलदार के आतंक के चलते खेती करना बेहद कठिन हो गया है। मनोज कुमार का कहना है कि गुलदार को शीघ्र ही पकड़वाया जाए। रोहिताश सिंह का कहना है कि शासन को गुलदार के हमलों पर संज्ञान लेना चाहिए।