बिजनौर में आवास विकास कालोनी में सड़क पर बनाया गया रैंप।
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बिजनौर। पॉश कॉलोनियों की पहचान चौड़ी सड़कें और ग्रीन बेल्ट से होती रही है, लेकिन अब स्थिति उलट है। ग्रीन बेल्ट की जमीनों पर कब्जा करते हुए तमाम लोगों ने रैंप बना डाले हैं। सिर्फ रैंप ही नहीं बल्कि गाड़ी खड़ा करने के लिए ग्रीन बेल्टों को ही उजाड़ दिया जाता है। आवास विकास समेत अन्य पॉश कालोनियों का यही हाल है।
पार्किंग नहीं होने की समस्या बाजार में नही है, बल्कि कॉलोनियों में भी है। लोग आलीशान मकान बना लेते हैं, परंतु गाड़ी उनकी पार्क होती है सड़क पर। आवास विकास कॉलोनी में चालीस फुट चौड़ी मुख्य सड़क है। इस सड़क पर दोनों ओर ग्रीन बेल्ट के लिए भी जमीन छोड़ी गई थी। साथ ही इस कॉलोनी की अन्य सड़के भी काफी चौड़ी हैं। अब ये सड़कें तंग होती जा रही है। जिसका कारण है, मकानों के सामने रैंप बनाने का चलन। क्योंकि ऊंचे मकान को बनाने के बाद रैंप सड़क की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए हैं। इसमें ग्रीन बेल्ट भी बर्बाद हो गई। हालांकि कुछ जगहों ग्रीन बेल्ट के नाम पर कुछ पेड़ दिखाई दे रहे हैं।
कॉलोनी में पीछे बसे लोगों को होती है दिक्कत
कॉलोनी में पीछे बसे लोगों को दिक्कत होती है। इनके आगे जाने के लिए सड़कों की चौड़ाई का ख्याल नहीं रखा जाता। लोग अपने सामने ग्रीन बेल्ट की जगह पर भी गाड़ी कर लेते हैं। कॉलोनी विकसित होते समय सड़कों का नजारा कुछ और था, बदल चुका है।