रक्षा बंधन पर छतों पर जोखिम में सफर काे मजबूर रहे यात्री।
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बिजनौर/धामपुर। रक्षाबंधन पर रोडवेज निगम की व्यवस्था चरमरा गई। त्योहार पर यात्रियों की भारी भीड़ होने के कारण बसें कम पड़ती नजर आई। बसें रोडवेज बस स्टैंड के अलावा चौराहों पर नहीं रुकी। नतीजतन यात्रियों को आवागमन के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वे जूझते रहे।
बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन पर्व पर यात्रियों की भीड़ होने के कारण रोडवेज निगम की व्यवस्था धड़ाम हो गई। यात्री बस स्टैंड पर बसों की कमी से जूझते नजर आए। बसों में सीट घेरने के लिए यात्री अपने बच्चों को खिड़की से चढ़ाते नजर आए। यात्रियों की भीड़ का आलम यह है कि यात्री बस में चढ़ने के लिए धक्कामुक्की करते रहे। शास्त्री चौक पर खड़े यात्री संजीव, प्रवीण व मनोज आदि का कहना है कि रोडवेज बस चौराहों पर नहीं रुकी। बस स्टैंड से ही भरकर बसें आ रही है। इसके चलते यात्रियों को बस स्टैंड की ओर जाना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, एआरएम विनोद कुमार मौर्य का कहना है कि त्योहार पर बसों की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। त्योहारों पर यात्रियों की भारी भीड़ हो जाती है।
उधर, धामपुर में भी रक्षाबंधन के पर्व पर बसों की कमी के चलते यात्री हलकान हो गए। परिवहन निगम की बसें दिनभर सड़कों पर सरपट दौड़ी। हालांकि अधिकतर यात्रियों को बसों में जगह नहीं मिलीं। यात्री बसों की इंतजार में खड़े पसीने से लथपथ हो गए। बसों में चढ़ने के लिए यात्रियों ने मारामारी रखी। मजबूरन यात्रियों को छतों चढ़कर सफर करना पड़।
बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन पर्व पर परिवहन निगम ने 53 बसों को दौड़ा रखा था। बावजूद इसके यात्रियों को बसों में जगह नहीं मिली।
यात्रियों को बसों की छत या खड़े होकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। धामपुर मुरादाबाद व धामपुर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को खास परेशानी का सामना करना पड़ा। सीट नहीं मिलती देख यात्री बसों की छत पर सवार हो गए। पुलिस यात्रियों को छतों से उतारती रही।