बिजनौर। रक्षा बंधन पर जेल प्रशासन शनिवार को जेल में मिलने आने वाली महिलाओं पर मेहरबान रहा। रक्षा बंधन पर महिला मुलाकातियों ने जेल में जाकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना की। जेल में मिठाई ले जाने पर भी कोई रोक टोक नहीं थी। कई मुस्लिम महिलाएं भी जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची ।
शनिवार को जेल में बंदियों से मुलाकात पर रोक रहती है, लेकिन रक्षा बंधन पर जेल प्रशासन ने यह रोक हटा दी। महिला बंदियों को भाई से मिलने की पूरी छूट दे दी । महिला बंदियों के जेल में मिठाई ले जाने पर भी कोई रोक टोक नहीं थी।
जेल में करीब एक हजार बंदी है। इनमें 34 महिला बंदी हैं। शनिवार को जेल में किसी पुरुष को तो किसी से मुलाकात करने नहीं जाने दिया, लेकिन महिलाओं को किसी ने नहीं रोका । करीब 350 महिलाओं ने जेल में जाकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना की। 50 महिला बंदियों को एक साथ जेल के अंदर भेजा जा रहा है।
जेल अफसर यह देखकर हैरान रह गए, जब कई मुस्लिम महिलाएं भी जेल में पहुंची। मुस्लिम महिलाओं ने अफसरों को बताया वह भी जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने आई है।
जेलर आकाश शर्मा के मुताबिक जेल में बंद जिन महिला बंदियों के भाई किसी केस में उनके साथ बंद हैं। महिलाओं को राखी बांधने के लिए उनके भाइयों से मिलाया। कई परिवार ऐसे है, जो जेल में एक साथ बंद हैं।