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राजकुमार हत्याकांड: धोखे के बदले मिली तमंचे की गोली, पार्टनर डॉक्टर ने ड्राइवर को 10 लाख में दी थी सुपारी

Sun, 08 Mar 2026 02:03 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

Bijnor News: बिजनौर में अस्पताल संचालक राजकुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पूर्व साझीदार डॉ. नीरज ने सुपारी देकर राजकुमार को मरवा दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 
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गिरफ्तार तीनों आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अस्पताल संचालक राजकुमार की हत्या की साजिश पूर्व साझीदार डॉ. नीरज ने रची। योजना के तहत डॉ. नीरज के ड्राइवर ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। डॉ. नीरज ने अपने ड्राइवर विकास उर्फ छोटू को इसके लिए 10 लाख रुपये का लालच दिया था, जिसमें से दो लाख 20 हजार रुपये पहले दे दिए गए थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए हत्या का खुलासा कर दिया है।
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राजकुमार की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
एसपी अभिषेक झा ने बताया कि पांच मार्च की शाम शिवालय हेल्थ केयर सेंटर के संचालक राजकुमार की विकास उर्फ छोटू ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी विकास खून की जांच रिपोर्ट दिखाने के बहाने राजकुमार के केबिन में घुसा था, यह जांच रिपोर्ट भी फर्जी थी।
 

बताया कि साल 2018 में डॉ. नीरज कुमार और राजकुमार गाजियाबाद के यथार्थ अस्पताल में काम करते थे। दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। साल 2022 में डॉ. नीरज और राजकुमार पुत्र धर्मपाल निवासी थाना नंदग्राम गाजियाबाद ने मिलकर नगीना धामपुर मार्ग पर सुमित्रा अस्पताल खोल लिया। उस वक्त यह बात तय हुई कि अस्पताल से होने वाली आमदनी से पहले डॉ. नीरज का कर्ज चुकाया जाएगा। 
 

साल 2023 में बिना हिसाब किताब किए राजकुमार अलग हो गए और साल 2024 में राजकुमार ने अपना अलग अस्पताल खोल दिया। ऐसे में सुमित्रा अस्पताल में मरीजों की संख्या कम हो गई। राजकुमार के शिवालय हेल्थ केयर सेंटर में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होने लगा। अस्पताल के कारोबार में घाटा होने और मरीजों की संख्या में कमी होने के कारण राजकुमार की हत्या कराने की योजना तैयार की गई।
 

योजना के तहत डॉ. नीरज ने अपने ड्राइवर विकास उर्फ छोटू को 10 लाख रुपये का लालच दिया। दो लाख 20 हजार रुपये पहले दे दिए गए थे। इसके बाद आरोपी विकास ने आर्यन उर्फ राजन से सात हजार रुपये में तमंचा खरीदा। उक्त तमंचे से ही उसने गोली मारकर राजकुमार की हत्या कर दी थी।
नगीना पुलिस ने विकास उर्फ छोटू निवासी गांव तिबड़ी, आर्यन उर्फ राजन निवासी गांव मधी धामपुर और डा. नीरज कुमार निवासी गांव तिबड़ी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने एक तमंचा, दो कारतूस, दो लाख रुपये नकद और एक पिस्टल बरामद की है।
 

हो गया काम.....फोन करके बोला था विकास
राजकुमार की गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी विकास ने डॉ. नीरज को फोन किया और काम पूरा होने जाने की जानकारी दी थी। बताया गया कि शूटर विकास अस्पताल में यह समझकर पहुंचा था कि अब सिर्फ राजकुमार ही होंगे, मगर अस्पताल में स्टाफ के कई लोग मिले, जिसके चलते वह अपनी बाइक भी मौके पर ही छोड़ गया था।
 
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एक सप्ताह पहले किया था होली के बाद हत्या का वादा
सुमित्रा अस्पताल खुलने के बाद से ही विकास वहां पर गाड़ी चलाता था। छह महीने पहले योजना तैयार कर ली गई थी। बदले में डॉ. नीरज कुमार ने दो लाख रुपये भी अपने ड्राइवर विकास को दिए थे। 10 लाख रुपये में सौदा किया। बाकी बची रकम केस लड़ने और जमानत आदि पर खर्च होनी थी। सौदा करने के बाद भी विकास ने हत्या की वारदात को अंजाम नहीं दिया और टालता रहा। एक सप्ताह पहले डॉ. नीरज ने तंज कसा कि तुझसे नहीं हो पाएगा, जिसके बाद विकास ने वादा किया था कि होली के बाद वह काम कर देगा।
 
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