बिजनौर में किसान दिवस में किसानों ने बिजली कटौती, नहरों में पानी कम आने और गन्ना बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। डीएम बी चंद्रकला ने किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों ने वैज्ञानिक तरीके से खेती कर उपज बढ़ाने का आह्वान किया।
विकास भवन में आयोजित बैठक में डीएम ने कृषि विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों से कार्ययोजना बनाकर नई तकनीकों से कृषि का विकास करने को कहा। कहा कि जिले की भूमि खेती के लिए बहुत उपजाऊ है और इससे परंपरागत फसलों के अलावा अन्य फसलें भी ली जा सकती हैं। कहा कि गांव के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता है।
किसानों ने आंधी में टूटे तारों को अब तक ठीक न करने, लो वोल्टेज, ट्रांसफार्मरों के आए दिन फूंकने और नहरों में कम पानी आने से सिंचाई प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का निस्तारण पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर करने और शिकायत की जांच के लिए क्षेत्र में जाने से पूर्व शिकायतकर्ता को सूचना देने के निर्देश दिए। भाकियू जिलाध्यक्ष राम अवतार सिंह, सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी, कृषि उपनिदेशक जसपाल, सीवीओ रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
भाकियू पंचायत में किसान समस्याओं पर विचार
चांदपुर में भाकियू की पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि किसानों का गन्ना भुगतान मिल मालिकों और प्रदेश सरकार की मिलीभगत के कारण नहीं हो रहा है। यूनियन ने शीघ्र गन्ना भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बुधवार को डाक बंगले पर हुई पंचायत में किसानों की समस्याओं पर विचार किया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों का गन्ना भुगतान मिल मालिकों और प्रदेश सरकार की सांठगांठ के कारण नहीं हो रहा है। किसान समस्याओं को लेकर हरिद्वार में होने वाले शिविर में किसानों से पहुंचने की अपील की। पंचायत में विद्युत आपूर्ति शेड्यूल अनुसार कराने, जलीलपुर और लदुपुरा को छाछरी 132 केवीए बिजलीघर से जोड़ने, जर्जर तार और पुरानी मशीन बदलने, नहरों में पानी छोड़ने आदि की मांग की गई। इसमें कुलदीप सिंह, ऋषिपाल सिंह, अशोक कुमार, चौधरी गजराम सिंह, हुकुम सिंह आदि मौजूद रहे। मुखिया रामफल सिंह ने अध्यक्षता और मोहम्मद उस्मान ने संचालन किया।